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प्रदूषण कम करने में बीजिंग से पिछड़ रही दिल्ली

नई दिल्ली वरिष्ठ संवाददाता

दिल्ली में खुल कर सांस लेने के पहले आपको एक बार फिर से सोचना होगा। कहीं यह आरामदायक सांस आपकी मुश्किल न बढ़ा दे। दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बीजिंग व दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दूसरे चरण के प्रयास एक साथ काम शुरू किया गया था। इन्हें दूसरे चरण के तहत 2008 से 2014 के बीच इस चरण में प्रदूषण के स्तर को घटाने के प्रयास करने थे। पिछले कुछ समय में बीजिंग में उठाए गए सख्त कदमों के चलते वहां हालात पहले से कहीं बेहतर हैं, जबकि दिल्ली में इस समस्या से निपटने के लिए बनाई गई कमेटियां अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी हैं।

पर्यावरण व प्रदूषण पर अध्ययन करने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) की ओर से जारी किए गए एक अध्ययन के अनुसार यदि हम हेल्थ एलर्ट सिस्टम व वायु प्रदूषण की बात करें तो इन बीजिंग में दिल्ली की तुलना में कहीं बेहतर प्रयास हुए हैं। सीएसई की ओर से किए गए अध्ययन में पाया गया कि पिछले चार सालों की तुलना में दिल्ली में इस वर्ष वायु प्रदूषण प्रदूषण का स्तर 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया।

केंद्र सरकार की संस्था सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड रसिरे्च की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर मानकों से तीन से पांच गुना तक अधिक है। हम बेहतर आंकड़े प्राप्त करते हैं पर आंकड़ो के आधार पर खतरे का आंकलन कर उसके बारे में लोगों को जागरूक नहीं करते हैं। सीएसई की वायु प्रदूषण नियंत्रण टीम की प्रमुख अनुमिता राय चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ समय में बीजिंग में प्रदूषण से निपटने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं।

उदाहरण के लिए वहां गाड़ियों की वार्षिक बिक्री सीमिति कर दी गई है। लोगों को लॉटरी के जरिए गाडिम्यां मिलती हैं। इसके साथ ही यदि किसी दिन प्रदूषण का स्तर अधिक होता है तो वे स्कूलों व अन्य सार्वजनिक जगहों पर लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील करते हैं। इसके अलावा शहरों में डीजल कारों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है। इन कदमों के चलते वहां प्रदूषण के हालात पहले से बेहतर हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कमेटियां बनीं पर अब तक कई क्षेत्रों में ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।

हमें भी प्रदूषण से संबंधित बेहतर डेटा मिलता है पर पर उसके खतरों के बारे में लोगों को जागरूक नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल हमें हालात को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है। सीएसई की ओर से दिए गए सुझाव तत्काल कार्यवाही के लिए दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को फिलहाल रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। दिल्ली सहित देश के सभी बड़े शहरों में प्रदूषण के मानकों के अनुरूप हवा को साफ रखने के प्रयास होने चाहिए।

प्रदूषण के सभी कारकों पर लगाम लगाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनानी होगी। सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों से ताजे आंकड़े ले कर रोज हवा के स्तर का आंकलन किया जाए। यदि कहीं प्रदूषण का स्तर अधिक मिलता है तो लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिए जाएं। प्रदूषण के शीर्ष स्तरों को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। द्वितीय चरण की योजनाओं पर काम होपब्लिक ट्रांस्पोर्ट स्टिम को बेहतर बनाया जाएनिजी वहानों पर निर्भरता घटाने के लिए सड़क मूल्य निर्धारण पर काम होप्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हो रहे कामों पर कर में छूट देनी चाहिएऊनजी वाहनों को घटाने के लिए पार्किंग पॉलिसी भी बदलनी होगी।

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  • Web Title:प्रदूषण कम करने में बीजिंग से पिछड़ रही दिल्ली