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पूरे राज्य में 11 से अंधेरे की आशंका

जमशेदपुर’ वरीय संवाददाता। ग्यारह फरवरी से पूरे झारखंड में बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है। क्योंकि छह सूत्री मांगों को लेकर झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड अभियंता, पदाधिकारी, कर्मचारी समन्वय समिति ने उस दिन सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विचार नहीं किए जाने के कारण यह निर्णय लिया गया। इस मसले पर समिति की स्वर्णरेखा गेस्ट हाउस में शुक्रवार को आमसभा हुई।

इसमें समिति के नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य बिजली बोर्ड को वर्तमान आकलन के आधार पर फ्रेंचाइजी (निजी हाथों) को सौंपने से कई हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। यही नहीं बिजली बिल में भी बेतहाशा बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की संपत्ति का आकलन कौड़ी के भाव में किया जा रहा है जबकि यह खरबों रुपये की है। केन्द्रीय उपाध्यक्ष बसंत खेतान ने आमसभा की अध्यक्षता की। समिति की मांगेंसंपत्ति का आकलन कागजी आधार पर नहीं वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर हो और महालेखाकार से इसका आकलन कराया जाए।

सभी इंजीनियरों, अधिकारियों व कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मास्टर ट्रस्ट बनाकर सभी कर्मचारियों का भुगतान ट्रेजरी से किया जाए व इसका संचालन राज्य सरकार करे ताकि नियमित भुगतान सुनिश्चित हो। सभी अनुबंध कर्मियों और दैनिक वेतनभोगियों को स्थाई किया जाए साथ ही निलंबित व बर्खास्त कर्मचारियों को वापस लेकर उनके बकाए का भुगतान किया जाए। एमएसीसी आठ, सोलह व चौबीस साल की सेवा के बाद दिया जाए, छठे वेतन की वसिंगतियों को दूर किया जाए और रिटायर कर्मचारियों को मुफ्त बिजली दी जाए।

बैठक को संबोधित करने वाले नेता राज्य समन्वय समिति के संयोजक प्रशांत चतुर्वेदी, झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद सिंह, महामंत्री बैकुंठ नंदन सिंह, अतिरिक्त महामंत्री रामायण तिवारी और अभियंता संवर्ग के एमपी यादव, अधीक्षण अभियंता आरजे सिंह, वीके सिंह, विनोद कुमार सिंह, मनसफ अली और अशोक गिरि।

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