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पूर्णिया के तर्ज पर यहां भी चले एंबुलेंस सेवा

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता। जिले के 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की मांग है कि यहां कि यह सेवा जिला प्रशासन के अधीन हो। जिस तरह पूर्णिया में वहां डीएम ने निर्णय लिया कि सभी एंबुलेंस प्रशासन की देखरेख में चलेगी, ठीक उसी तरह की व्यवस्था भागलपुर में भी लागू हो। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर एंबुलेंस कर्मचारी डीएम बी कार्तिकेय से मिले।

उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया कि जिले में 17 एंबुलेंस है और इनमें से केवल 11 ही चल रही है। ये सभी एंबुलेंस राज्य स्वास्थ्य समिति की है। एजेंसी जैन वीडियो ऑन व्हील्स केवल उन एंबुलेंसों को चलाने के लिए कर्मचारी रखती है और वेलोग उसी एजेंसी के कर्मचारी हैं। लेकिन पिछले चार माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। एंबुलेंस कर्मचारियों की बात सुनने के बाद डीएम ने उन सबसे से कहा कि आपलोग तैयार रहें, जल्द ही इस दिशा में पहल होगी।

डीएम से मिलनेवालों में आपातकाल कामगार यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा, राहुल कुमार, प्रमोद कुमार, अभिषेक कुमार, लालू यादव आदि शामिल थे। उनलोगों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2012 अप्रैल से वेलोग नियमित काम कर रहे हैं, लेकिन एक बार फिर समय पर मानदेय नहीं मिलता है। ईपीएफ का हिसाब नहीं है। कर्मचारी जब एजेंसी के प्रबंधक से जानकारी मांगते हैं तो वे टाल-मटोल करने लगते हैं। ईएसआईसी में किसी कर्मचारी का पैसा जमा नहीं किया जाता है।

काम करने की अवधि प्रतिदिन आठ घंटे है, लेकिन 12 घंटे तक काम लिया जाता है। जिले में 17 एंबुलेंस हैं, लेकिन छह खराब पड़े हुए हैं। उसे दुरुस्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है। इसमें कहा गया है कि नियुक्ति के समय प्रावधान था कि कंपनी की ओर से सही संचालन नहीं करने पर वह राज्य सरकार के अधीन हो जाएगी। साथ ही कर्मचारी को नियमित मानकर सारी सुविधाएं दी जाएंगी। उनलोगों ने कहा कि वेतन नहीं मिलने से उनलोगों को परिवार चलाने में काफी दिक्कत हो रही है।

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