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तीन माह में ही पांच विभागों में लटक गया ताला

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता। सदर अस्पताल में खुले पांच विभागों में तीन माह के अंदर ही ताला लटक लगा है। इनमें ह्रदय, मधुमेह, चर्म, दंत एवं नेत्र विभाग शामिल हैं। अब तक इन विभागों में स्थाई चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

नतीजा, प्रितदिन औसतन चालीस से अधिक मरीज बिना इलाज कराए लौट रहे हैं। पांच लाख की लागत से इन विभागों को खोला गया था, उपकरण भी खरीदे गए थे। लेकिन डॉक्टर के बिना सब बेकार पड़े हैं। विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि बीच-बीच में डॉक्टर आते हैं और मरीजों की जांच होती है। पिछले साल एक नवंबर 2013 को पांचों विभागों का तत्कालीन डीएम प्रेम सिंह मीणा ने उद्घाटन किया था। वहां आईसीयू भी सप्ताहभर के अंदर खोलने की बात कही गई थी।

लेकिन बाद में मुख्यालय से उपकरण एवं अन्य सामान खरीदने के लिए राशि की मांग की गई। इसके बाद से प्रक्रिया पर विराम लग गया। शुक्रवार की दोपहर को जब हिन्दुस्तान की टीम वहां पहुंची तो सभी पांचों विभागों में ताला लटक रहा था। इनडोर में बने ह्रदय एवं मधुमेह विभाग के कमरे के दरवाजे सटे हुए थे। फिलहाल इनमें डा. विनय कुमार एवं आरपी जायसवाल की डय़ूटी लगाई गई है। जानकारी मिली है किजिंस कमरे में ये विभाग हैं उसे खोलने-बंद करनेवाले कर्मचारी छुट्टी पर हैं।

उस कमरे में ईजीसी की भी जांच होती है। शिनवार की शाम तक उनके आने की संभावना है, इसके बाद ही दोनों विभाग खुल पाएगा। कर्मचारी ने बताया कि इनडोर के एक कमरे में आईसीयू खोला जाना था। उद्घाटन के दिन पांच बेड लगाए गए थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद उसे निकलवा लिया गया। चर्म रोग विभाग मेंजिंस महिला चिकित्सक की डय़ूटी है, वह भी कभी-कभी आती हैं। लेकिन नेत्र विभाग में कुछ मरीजों का इलाज हुआ। वह भी इसलिए क्योंकि अस्पताल के प्रभारी ही नेत्र रोग के चिकित्सक हैं।

हालांकि अपने विभाग के अलावा वे सर्दी-खांसी सहित अन्य मरीजों को भी देखते हैं। सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कर्मचारी एवं चिकित्सक की कमी की वजह से परेशानी हो रही है। लेकिन विभाग खुलता तो है ही।

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