DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आचार संहिता से पहले बदलेगा प्रशासन का चेहरा

लखनऊ वरिष्ठ संवाददाता। चुनाव आचार संहिता लगने से पहले प्रशासन का चेहरा बदल जाएगा। इसकी शुरुआत डीएम अनुराग यादव से हो चुकी है। बीमारी का इलाज कराने के लिए उन्होंने तीन माह का अवकाश मांगा है। आदेश आते ही वे डीएम का पदभार छोड़ देंगे। उनके साथ-साथ करीब सात मजिस्ट्रेट भी अपना पद छोड़ने की जोड़-तोड़ में लगे हैं। इनमें तीन एडीएम, तीन एसडीएम व इतने ही एसीएम का स्थानांतरण होना लगभग तय माना जा रहा है।

ऐसा होने पर आम चुनाव कराने की जिम्मेदारी नए मजिस्ट्रेटों के कंधों पर होगी। चुनाव में मतदाता सूची को लेकर किसी तरह के गिले-शिकवे पर जवाबदेही नए मजिस्ट्रेटों की ही बनेगी। ............दो एडीएम की कार्यशैली से भाजपा, बसपा खिन्नहाल ही में मुख्य चुनाव अधिकारी उमेश सिन्हा के साथ बैठक में भाजपा व बसपा के नेताओं ने कलेक्ट्रेट में तैनात दो एडीएम की कार्यशैली के प्रति नाराजगी दिखाई और चुनाव के निष्पक्ष संपन्न होने की आशंका भी जाहिर की। मौजूदा समय इन दोनों ही एडीएम पर चुनाव की अहम जिम्मेदारी रहेगी।

दोनों ही विपक्षी दलों के ऐतराज को देखते हुए एडीएम भी अपने स्थानांतरण की तैयारी में लग गए हैं। इन दोनों ही एडीएम के हटने पर चुनाव कराने के लिए सरकार को एडीएम के पद पर अनुभवी व निष्पक्ष पीसीएस अधिकारियों की तैनाती करने की जिम्मेदारी होगी। एक अन्य एडीएम भी गुपचुप तबादले की दौड़ में हैं। उन पर पुराने लखनऊ की जिम्मेदारी है। एसडीएम व एसीएम पर भी तलवारबीकेटी, सदर व मलहिाबाद में तैनात एसडीएम के भी हटने की चर्चाएं हैं।

इसी तरह तीन डिप्टी कलेक्टर का भी हटना तय माना जा रहा है। एसडीएम के तबादले के पीछे भी प्रतिपक्षी दलों के ऐतराज को मुख्य वजह माना जा रहा है। जबकि दो एसीएम व एक महिला डिप्टी कलेक्टर का कार्यकाल एक जिले में रहते हुए तीन साल पूरा होने को है। इस कारण प्रस्तावित तबादला सूची में उनके नाम शामिल होने की आशंकाएं हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आचार संहिता से पहले बदलेगा प्रशासन का चेहरा