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शव रखकर जीटी रोड पर लगाया जाम

कानपुर। कार्यालय संवाददाता। झकरकटी पुल के पास गुरुवार देर रात हुए सड़क हादसे में महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को जीटी रोड जाम कर दी। सवा घंटे की मान मनौव्वल और मुआवजे के आश्वासन के बाद जाम खोला गया। इस दौरान जरीब चौकी की दोनों ओर वाहनों की कतारें लगीं रहीं।

द्वारकापुरी बाजार में रहने वाले सुजीत पत्नी गिरिजा के साथ गुरुवार रात बाकरगंज से घर लौट रहे थे। रात 12 बजे झकरकटी पुल उतरते ही पीछे से आए टैंकर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। गिरिजा की मौके पर मौत हो गई थी जबकि सुजीत हैलट में भर्ती है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन गिरिजा का शव लेकर जीटी रोड (चूना भटिया) पहुंचे। दोपहर 3:20 बजे उन्होंने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान भीड़ ने सड़क पर ईंटे बिछा दी।

सीसामऊ थाने में तैनात एक दरोगा कुछ सिपाहियों के साथ भीड़ को समझाने पहुंचे मगर लोगों ने उनकी एक न सुनी। इस दौरान जीटी रोड की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इटावा के एक कार चालक ने जाम से बचने के चक्कर में गाड़ी डविाइडर पर ही चढ़ा दी। दो सीओ पहुंचे समझाने शाम 4:09 बजे सीओ नजीराबाद ममता कुरील, सीओ सीसामऊ अखिलेश सिंह, एसीएम-7 अशोक सिंह और एसीएम-3 राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। जाम के बीच अधिकारियों से वार्ता शुरू हो गई।

एसीएम-7 ने आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से तत्काल 20-25 हजार का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा और मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट भेजी जाएगी। वह उनके कोष से पांच लाख तक का मुआवजा दिला सकते हैं। इसके अलावा टैंकर मालिक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी जाएगी। इतने आश्वासन के बाद भीड़ ने अधिकारियों की बात मानते हुए शाम लगभग 4.45 बजे जाम खोल दिया। चार बच्चों हैं दोनों केसुजीत और गिरजा के चार बच्चों हैं, अंजली (18), सोनम (15), अंशू (15) और प्रियांशू (7)।

ये रखीं मांगे- शासन से मुआवजा दिलाया जाए - टैंकर के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए - गिरिजा और सुजीत प्राइवेट नौकरी करते हैं, इनके बाद चारों बच्चों में से किसी एक को नौकरी दिलाई जाए।

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