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सांप्रदायिक ताकतों के दबाव में वापस लिया दंगारोधी विधेयक: मुलायम

सांप्रदायिक ताकतों के दबाव में वापस लिया दंगारोधी विधेयक: मुलायम

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने केन्द्र की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा साम्प्रदायिक हिंसा निरोधक विधेयक को फिलहाल वापस लिये जाने का जोरदार विरोध करते हुए शुक्रवार को इसकी निंदा की और कहा कि सरकार ने साम्प्रदायिक ताकतों के दबाव में कदम वापस खींचे हैं।
     
यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा साम्प्रदायिक हिंसा निरोधक विधेयक को संसद में टाले जाने का हमें अफसोस हैं। हम इस कदम का जोरदार विरोध करते हैं।
     
उन्होंने कहा हम मांग करते हैं कि मुस्लिमों की मांगों को मानते हुए इस विधेयक को इसी सत्र में पारित कराया जाए। यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा साम्प्रदायिक ताकतों के दबाव में काम करती रही है। उसकी नीयत कभी ठीक नहीं रही। उसने भाजपा के दबाव में वह विधेयक वापस लिया है।
     
केन्द्र को बाहर से समर्थन दे रही सपा द्वारा इस मुद्दे पर समर्थन वापस लेने की सम्भावना के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रमुख ने कहा अब एक-दो महीने के लिये समर्थन क्यों वापस लेंगे। अब समर्थन वापसी का क्या मतलब है।
जारी भाषा सलीम गोस्वामी

सपा प्रमुख यादव ने कहा कि संप्रग सरकार जब संसद में विधेयक पेश करेगी तो वह पारित हो ही जाएगा। यह कोई मामूली मामला नहीं है। ऐसे में जब अनेक कानून बन रहे हैं, सरकार इस कानून से पीछे क्यों हटी।
     
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साम्प्रदायिक ताकतों को हमेशा खाद-पानी दिया है और कभी दंगा पीडिम्तों की मदद नहीं की। यादव ने दावा किया कि साम्प्रदायिक हिंसा रोधी विधेयक में दंगा पीडि़तों के लिये जो प्रावधान प्रस्तावित थे, उनका लाभ उत्तर प्रदेश की सपा सरकार हाल में मुजफ्फरनगर में हुए दंगा प्रभावित लोगों को दे चुकी है। राज्य सरकार ने पीडिम्तों को ना सिर्फ आर्थिक मदद दी बल्कि दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की।
     
इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश की पूर्ण बहुमत वाली सपा सरकार विधानसभा में दंगा रोधी कानून लायेगी, यादव ने कोई सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा दंगा हमेशा सख्ती से एकता है। मुजफ्फरनगर में सख्ती के कारण ही दो दिन में दंगा एक गया। हमने हमेशा कड़ी कार्रवाई की है, यहां तक कि गोलियां भी चलवायीं। हम दंगाइयों के सामने कभी नहीं झुके। उन्होंने एक सवाल पर दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में तीसरे मोर्चे को बहुमत मिलेगा।

यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायरबेली और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र अमेठी से सपा प्रत्याशी उतारे जाने की सम्भावना सम्बन्धी सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
     
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि मोदी ने अभी तक उनके सवालों का जवाब नहीं दिया है। मोदी इन सवालों के जवाब क्यों नहीं देते कि क्या उनके गुजरात में उत्तर प्रदेश की तरह दवा, पढ़ाई और सिंचाई मुफ्त है।
     
यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था खराब होने के इल्जाम को गलत बताते हुए कहा कि 21 करोड़ की आबादी वाले राज्य में इससे अच्छी कानून-व्यवस्था कैसे हो सकती है।
     
उन्होंने प्रदेश में बिजली की समस्या के लिये भाजपा और बसपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मौजूदा सपा सरकार ने विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण काम किये हैं और साल-दो साल में पूरे प्रदेश को बिजली मिलेगी।

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