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लखनऊ को इस माह मिलेंगे कई तोहफे

प्रमुख संवाददाता/राज्य मुख्यालय। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राजधानी लखनऊ को कई बड़ी योजनाओं का तोहफा देंगे। इसकी शुरुआत अगले15 दिन में हो जाएगी। लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना और चक गंजरिया आईटी सिटी, सुपर स्पेशियलिटी अस्तपाल जैसी करीब एक दर्जन परियोजनाओं को शिलान्यास किया जाएगा।

आवास विभाग ने मुख्यमंत्री से इन परियोजनों के शिलान्यास के लिए समय मांगा है। वहां से समय मिलते ही इन परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मेट्रो रेल परियोजना को अब जल्द ही अमली जामा पहनाया जाएगा।

केन्द्र सरकार ने इस योजना के बाबत अपनी सहमति दे दी है और वशि्व बैंक भी इस परियोजना के लिए ऋण देने को तैयार है। इस योजना के लिए राज्य सरकर और केन्द्र सरकार 20-20 प्रतिशत धन देगी बाकी राशि विश्व बैंक से ऋण के रूप में ली जाएग।

इस परियोजना के शिलान्यास की तैयारी विभाग शुरू कर रहा है। चक गंजरिया फार्म हाउस पर आईटी सिटी के साथ आवासीय योजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। यहां पर तरकीबन छह सौ एकड़ जमीन पर आवास विभाग विभिन्न बड़ी योजनाओं की शुरुआत कराने जा रहा है।

इसमें अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल, आईटी सिटी, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, भारतीय प्रशासनिक अकादमी और जय प्रकाश कन्वेंशन सेंटर की परियाजनाएं शामिल हैं। गोमती तट विकास योजना की शुरुआत कराई जाएगी। इसमें नदवा से लेकर डालीगंज तक नदी के किनारे सौन्दर्यीकरण किया जाएगा।

सुंदरीकरण में पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। ट्रिपल आईटी का शिलान्यास इसी महीनेराज्य मुख्यालय, प्रमुख संवाददातालखनऊ में खुलने वाले ट्रिपल आईटी (इण्डियन इंस्टीटय़ूट ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ) का शिलान्यास इसी महीने होने की उम्मीद है। इसके लिए राज्य व केन्द्र सरकार में करार की प्रकिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही 2014-15 के शैक्षिक सत्र से कुछ कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। एमओयू पर प्रदेश के मुख्य सचवि जावेद उस्मानी ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और उसे मानव संसाधन मंत्रालय के सचवि के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।

करार के बाद सोसाइटी का गठन होगा। सोसाइटी रजिस्टर्ड कराई जाएगी और फिर शिलान्यास कर ट्रिपल आईटी के भवन का निर्माण होगा। निर्माण के लिए राज्य निर्माण निगम को अधिकृत किया गया है। विभिन्न चरणों में पांच वर्षो में निर्माण पूरा किया जाएगा। ट्रिपल आई के लिए 50 एकड़ जमीन चक गजरिया फार्म पर प्राविधिक शिक्षा विभाग को दे दी गई है। यूपी में इलाहाबाद के बाद खुलने वाले इस दूसरे ट्रिपल आईटी में ज्यादातर परास्नातक व शोध के कोर्स चलाए जाएंगे।

इसकी क्षमता 1200 विद्यार्थियों की होगी लेकिन पूरी क्षमता चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी यानी चार वर्षो में 300-300 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत बनने वाले इस ट्रिपल आईटी में केन्द्र, राज्य और प्राइवेट पार्टनर के बीच क्रमश: 50:35:15 फीसदी की हिस्सेदारी होगी। इसकी लागत 128 करोड़ रुपए अनुमानित है। फिलहाल प्राइवेट हिस्सेदारी रूप में यूपी इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन लि. है।

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