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करोड़ो का धान खरीद घोटाला

रांची। संवाददाता। धान की खरीद में करोड़ो रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में नगिरानी जांच में गोड्डा व्यापार मंडल के सहकारी प्रबंधक परमानंद प्रसाद दोषी पाए गए हैं। परमानंद के खिलाफ निगरानी ने प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

साल 2012- 13 में धान बीज खरीद के लिए बनी कार्यकारिणी को गलत तरीके से निलंबित कर परमानंद ने इसका अधिकार अपने पास रख लिया। भूमिहीन को किसान बताया व्यापारी को दिए पैसे: नगिरानी जांच में सामने आया कि गोड्डा के सत्यदेव गुप्ता के पास खेत नहीं है।

लेकिन सत्यदेव की जमीन से धान खरीदे जाने की बात दिखायी गई। चौकाने वाली बात यह है कि सत्यदेव के एकाउंट पर दिलीप कुमार नाम के व्यवसायी ने पैसे डलवाए थे। बाद में इन पैसों को दिलीप ने ही निकलवाया।

वहीं प्रीतम राज नाम के व्यक्ति को भी पैसे ट्रांसफर किए जाने की कागजात अधिकारियों ने दिखाए। लेकिन यह भी फर्जी निकला। वहीं धान की कीमत प्रति क्विंटल 800-900 रुपये तय की गई थी। लेकिन प्रति क्विंटल 1050 रुपये का भुगतान किया गया।

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