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नक्सलवाद, उच्च शिक्षा, महिला सुरक्षा और ट्रैफकिंग है मुख्य मुद्दा

रांची। संवाददाता। अप्रैल में होने वाले लोकसभा चुनाव की सरगर्मी झारखंड में भी दिखने लगी है। आम लोगों को रिझाने के लिए विभिन्न पार्टियों में मुद्दों को लेकर रणनीति बननी शुरू हो गई है। इधर आमजनों के बीच भी राज्य की समस्याओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

राजधानीवासियों की मानें नक्सलवाद, शिक्षा, महिला सुरक्षा और ट्रैफिकिंग राज्य की बड़ी समस्या है। 13 साल के सफर में झारखंड की सभी लरकारों ने नियम-कानून तो ढ़ेर सारे नियम बनाए, लेकिन सभी केवल कागजों में ही सिमट कर रह गए।

समस्याएं अभी भी जस की तस है। लोगों का कहना है कि जो पार्टी या उम्मीदवार इन समस्याओं के समाधान पर काम करेगी, वोट उसी को दिया जाएगा। इन्हीं मुद्दों पर हिन्दुस्तान लाइव की टीम ने जानी राजधानी के लोगों की राय..धीरज कुमार- झारखंड में उच्च शिक्षा के लिए उचित माहौल नहीं है। युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर का रुख करना पड़ता है। पढ़ाई महंगी होने के कारण यहां के काफी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

इस बार लोकसभा चुनाव में यही हमारा मुद्दा है। शशांक- राज्य को बने 13 साल हो गए। नक्सलवाद की समस्या अभी भी जस की तस है। अब तक कोई भी सरकार इस समस्या को सुलझा नहीं पाई। नीतियां केवल कागजों में ही सिमट कर रह जाती है। श्रेया वशि्वकर्मा- प्राकृतिक और खनिज संपदाओं के बाद भी राज्य का विकास नहीं होना बड़ा मुद्दा है। इसकी वजह सरकारी नीतियों का ठीक ढंग से पालन नहीं होना और इन संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं होना है।

गुड्डी- इस बार लोकसभा चुनाव में झारखंड का सबसे बड़ा मुद्दा महिला ट्रैफिकिंग और उनकी सुरक्षा है। आए दिन महिलाओं-लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही है। लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। श्वेता मिश्रा- इस बार महंगाई एक प्रमुख समस्या है।

मैं एक हाउस वाइफ हूं। जिस रफ्तार से मंहगाई बढ़ी है, खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। जो पार्टी महंगाई कम करेगी, उसी को वोट देना है। सुधा- इस राज्य को पीछे धकेलने में सरकार की नीतियां जिम्मेदार है।

नक्सलवाद, शिक्षा, महिला सुरक्षा, ट्रैफिकिंग जैसी समस्याएं इस बार के लोकसभा चुनाव का मुद्दा हैं। जो इन मुद्दों पर काम करेगा, वही सत्ता में काबिज होगा। अविनाश तिवारी- राज्य में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। इस बार हमारा मुद्दा वही है। छोटे से छोटे काम के लिए हर जगह घूस खिलाना पड़ता है। विकास के नाम पर सिर्फ धांधली होती है। राम जीतन साहू- गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के लिए सरकार के पास कोई रोड मैप नहीं है।

इस मामले में झारखंड देश का नंबर एक राज्य है। इसका कारण सभी वर्ग तक शिक्षा नहीं पहुंचना है।

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