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15 दिनों के लिए छात्राओं को किया गया सस्पेंड

कार्यालय संवाददाता पटना। जेडी वीमेंस कॉलेज की छह छात्राओं को 15 दिनों के लिए कॉलेज प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है। 15 दिनों के बाद जब वे कॉलेज आयेंगी तो उन्हें अपने साथ अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र लाना है। उनपर अभिभावकों का हस्ताक्षर होना जरूरी है। भविष्य में किसी तरह की शिकायत पाये जाने पर उन्हें कॉलेज से निकाल दिया जाएगा। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद जांच कमेटी ने गुरुवार को निर्णय दिया।

पांच लोगों की जांच टीम बनाई गई थी। चार शिक्षक अशोक, विनय, उषा सिन्हा, गणोरी प्रसाद व उप प्राचार्य हेमंत कुमार थे। जांच कमेटी ने छह छात्राओं को 15 दिनों के लिए एआईएसएफ की सचिव अंकिता, कोषाध्यक्ष स्वाति व महासचिव कृति व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि अदिला रहमान व अध्यक्ष हेना रहमान को सस्पेंड कर दिया गया है। 29 जनवरी को जेडी वीमेंस कॉलेज में मनमाना परीक्षा फॉर्म व रेजिमेंटस फीस के विरोध में कॉलेज की छात्राएं व एआईएसएफ के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया था।

इस दौरान छात्र संघ की विश्वविद्यालय प्रतिनिधि अंदिला रहमान व अध्यक्ष हेना रहमान आकर धरने पर बैठी छात्राओं के साथ बदतमीजी करने लगीं। धरने पर बैठी छात्राओं ने जब इसका विरोध किया तो वो उनके साथ हाथापाई करने लगीं थींजिंसमें छात्रसंघ की कोषाध्यक्ष स्वाति कुमारी, सचिव अंकिता कौशिक व कई लड़कियों को चोटें आयी।

निर्णय के बाद छात्रों ने किया हंगामाजांच टीम का निर्णय आने के बाद गुरुवार की शाम तीन बजे कॉलेज की छात्राओं ने बाहर से कुछ छात्र को बुलाकर प्राचार्या के कक्ष के पास हंगामा किया।

एआईएसएफ ने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि जो निर्णय आया है वह एक पक्षीय है। पीड़ित व हमलावर दोनों को एक जैसे सजा सुनाई गई है। कॉलेज की प्राचार्या डॉ उषा सिन्हा ने उनसे कहा कि हमारे लिए सभी छात्राएं बराबर है। जांच टीम में जो भी दोषी पाया गया उसे सजा दी गई है।

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