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टाइट जींस आफत न बन जाए

टाइट जींस आफत न बन जाए

फैशनेबल दिखने के लिए टाइट जींस पहनना एक आम बात है। पर, क्या आप जानती हैं कि आपकी टाइट जींस आपको पाचन संबंधी कई बीमारियों का शिकार बना सकती है? क्या है टाइट जींस सिंड्रोम और कैसे इससे बचें, बता रही हैं मृदुला भारद्वाज

आज के युवाओं की पहली पसंद हैं जींस। लडम्कियां तो जींस को दीवानगी की हद तक पहनना पसंद करती है। इसमें उन्हें न सिर्फ ज्यादा आराम मिलता है, बल्कि लुक भी अच्छा मिलता है। जींस में ना दुपट्टे का झंझट होता है और ना साड़ी की तरह पल्लू संभालने की फिक्र।

बेशक जींस एक लंबे अरसे से फैशन में है। कभी वाइड बॉटम, कभी स्ट्रेट, कभी बूट कट, कभी हाई वेस्ट और कभी लो वेस्ट। आजकल स्किनी और लो वेस्ट जींस काफी ट्रेंड में है। बाहर जाने और घूमने-फिरने वाली अधिकांश लड़कियां टाइट जींस ही पसंद करती हैं। यह न सिर्फ देखने में अच्छा लगता है, बल्कि इससे पहनने से वो ज्यादा फिट भी दिखती हैं। लेकिन फैशनेबल दिखने की चाह में वो यह जानने की भी कोशिश नहीं करती हैं कि जो फैशन ट्रेंड वो अपना रही हैं, कहीं वो उनके स्वास्थ्य के लिए किसी तरीके से नुकसानदेह तो नहीं है।

सावधानी ही बचाव है
टाइट जींस या लो वेस्ट जींस पहनने वाली लड़कियों में से उन लड़कियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत है, जिनकी जींस हिप्स के आसपास ज्यादा टाइट होती है। यदि आपमें टाइट जींस सिंड्रोम के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो टाइट जींस और टाइट बेल्ट पहनना तुरंत बंद कर दें। ऐसा करने से आप छह हफ्ते में रिकवर कर सकती हैं। लेकिन अगर आप टाइट जींस सिंड्रोम के लक्षणों की अनदेखी करके लगातार टाइट जींस पहनती हैं तो आपकी जांघ के बाहरी भाग की नब्ज स्थायी रूप से नष्ट हो सकती है। समय रहते इस सिंड्रोम को रोकने के लिए सावधानी बरतना ही सबसे महत्वपूर्ण है। ज्यादा टाइट और लो वेस्ट की जींस को कम या ना पहनकर ही आप इस सिंड्रोम से बच सकती हैं। डॉक्टर आई़ सी़ प्रेमसागर कहते हैं कि सावधानी ही इस सिंड्रोम को रोकने का सबसे कारगर उपाय है। लेकिन फिर भी इस सिंड्रोम का शिकार होने पर आप उपचार करवा सकती हैं। इस सिंड्रोम का इलाज दवाइयों, सर्जरी और कई तरह की थैरेपी के जरिये हो सकता है। ये एक तरह का न्यूरोपैथी दर्द होता है, इसलिए न्यूरोसर्जन की सलाह जरूर लें। इसके अलावा मोइस्ट हीट थैरेपी, फिंजिकल थैरेपी, एक्सरसाइज आदि भी ले सकती हैं। साथ ही सर्जरी, पल्स्ड रेडियो फ्रिक्वेंसी ट्रीटमेंट भी किया जाता है।
इसलिए फैशन अवश्य करें लेकिन फैशन के चक्कर में अपनी सेहत और अपने शरीर के साथ खिलवाड़ ना करें। फैशन भी वही अच्छा होता है, जो आपको कंफर्ट देने के साथ-साथ आपकी सेहत को भी नुकसान ना पहुंचाए।

बीमारी को न्योता दे सकती है आपकी जींस
बहुत कम लड़कियां हैं जो इस बात से वाकिफ होंगी कि स्किनी जीन्स पहनने से टाइट जीन्स सिन्ड्रोम नाम की एक बीमारी उन्हें घेर सकती है। श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोसर्जरी, डॉक्टर आई़सी़प्रेम सागर कहते हैं कि लो वेस्ट या टाइट जीन्स पहनने से, पेट के निचले हिस्से के पास से गुजरने वाली एक बेहद संवेदनशील नब्ज प्रभावित हो सकती है। यह नब्ज सुन्न पड़ सकती है, जिसके कारण घुटनों से ऊपरे के हिस्सों और जांघों में जबरदस्त जलन हो सकती है और सुन्नता आ सकती है। इस कारण से पैरों में दर्द के अलावा इस सिंड्रोम के परिणाम स्वरूप पाचन संबंधी रोग, जैसे एसिडिटी, अपच और पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत हो सकती है। और यदि आप हाई हील्स के साथ टाइट जीन्स पहन रही हैं तो यह बीमारी को और बढ़ा सकता है। ऐसा करने से कूल्हे को नुकसान हो सकता है। और इस वजह से लड़कियों को न्यूरोलाजिस्ट के पास जाना पड़ सकता है। ऐसे में डॉक्टर कहते हैं कि अगर लड़कियां लो वेस्ट जीन्स पहनना भी चाहती हैं तो अपने साइज से एक साइज बड़ी जीन्स लें। ताकि वह इतनी टाइट ना हो।

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