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शैक्षणिक पिछड़ापन दूर करने को कमेटी बनेगी

यह प्रस्ताव भी रखा गया कि मुसलमानों की तरक्की के लिए एक मास्टर प्लान तैयार हो। इसके तहत दस वर्षो का एक विजन तय किया जाए जिसका लक्ष्य सिर्फ शिक्षा के स्तर को सुधारना होगा। मस्जिदों को कम्प्यूटर से जोड़ने की भी वकालत की गयी। बिहार अल्पसंख्यक मुस्लिम शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित इस क्रांफ्रंस में जस्टिस अहमदी ने कहा कि मुसलमानों को परंपरागत शिक्षा के साथ वैज्ञानिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए। मदरसों के साथ प्राइमरी स्कूल भी बनने चाहिए। इसके बगैर कौमी तरक्की नहीं होगी।ड्ढr ड्ढr केन्द्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने कहा कि सच्चर केमटी की अनुशंसा पर अमल शुरू हो गया है। मुसलमानों को अपने हक के लिए किसी का दामन थामने की जरूरत नहीं है। डंके की चोट पर सरकार से हक मांगिए। ऑल इंडिया कांग्रस कमिटी की महासचिव मोहसिना किदवई ने कहा कि तालीम उस हीर की तरह है जिसे जितना तराशोगे उसकी चमक उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने अल्पसंख्यक बच्चियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। इस्लाम को दहशतगर्दी से जोड़े जाने की भी उन्होंने जमकर आलोचना की।ड्ढr ड्ढr ऑल इंडिया पर्सनल बोर्ड के महासचिव ने नर्सरी से ही शिक्षा पर जोर देने की बात कही। राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन के.रहमान,अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एजाज सोहैल सिद्दीकी, आयोग के सदस्य रामू वालिया, समाजसेविका तिस्ता शीतलवाड, कटिहार मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन अहमद अशफाक करीम, विधायक परवेज हाशमी भी उपस्थित थे। इमारत-ए-शरिया के नाएब अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना सैयद वली रहमानी ने कांफ्रंस की अध्यक्षता की।ं

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