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कागजात के बाद भी जमीन का अता-पता नहीं

रांची। मौलाना आजाद कॉलेज के मुद्दे पर अंजुमन प्लाजा सभागार में बुधवार को आवामी जलसे का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ग्यासुद्दीन मुन्ना ने की। जलसा में रांची के कई संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। मौलाना आजाद कॉलेज की अनियमितताओं पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तीन एकड़ जमीन के कागजात होने के बाद भी जमीन का कोई अता-पता नहीं है। जबकि अखबारों में पूर्व कमेटी के कई बयान आए हैं। कोई कहता है कि जमीन है ही नहीं, कोई कहता है कि जमीन का अतिक्रमण हो गया है।

आवाम सच्चाई जानना चाहती है। पूर्व कमेटी के सदस्य सेवानिवृत प्रोफेसर जाहिद हसन को 20 हजार रुपये प्रतिमाह देने पर भी प्रतिनिधियों ने आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में प्राचार्य के रहने के बाद प्रशासक की कोई आवश्यकता नहीं है। वक्ताओं ने इसके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी बात कही है।

सारी अनियमितताओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से भी मिलेगा। जलसा में कार्यक्रम का संचालन मो नजीब व जाहिद ने किया। इस मौके पर इबरार अहमद, प्रो नेजामुद्दीन, मो नौशाद, राजू भाई, गुल मोहम्मद गद्दी, जावेद गद्दी, मो खलील, मो तनवीर, नदीम खान, मो महबूब, मो शहजाद, शाहिद अख्तर, मो नकीब, पप्पू गद्दी, मो सलीम, मो इमरान, बेलाल कुरेशी सहित ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी, मजलिस क्वांटम लीव हेल्प लाइन, राहत हेल्प सोसाइटी, समाज विकास समिति, आवामी विकास समिति, सहारा वेलफेयर सोसाइटी, शारजाह क्लब, हमदर्द कमिटी, प्रगतिशील यूथ क्लब, सफद वेलफेयर सोसाइटी आदि संगठन के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

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