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निगम की लापरवाही से व्यापारी मालामाल

रांची। शाहीन अहमद। निगम की लापरवाही से व्यापारियों ने उसकी जमीनों पर कब्जा कर लिया है। यहां तक कि बिना अनुमति के आवंटित दुकानों का स्वरूप बदल दिया है। निगम के अफसरों और व्यापारियों की मिलीभगत से इस खेल में निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है। वहीं अधिकारी और व्यापारी मालामाल हो रहे हैं। अपर बाजार के बाजार पट्टी एवं लोहापट्टी के पास निगम की खाली जमीन थी। कुछ लोग उसे अपने कब्जे में लेकर दुकान व गोदाम चला रहे हैं।

वहीं शहीद चौक के पास एक दुकानदार ने निगम से अनुमति लिए बिना ही एसबेस्टस सीट की जगह छत की ढलाई कर दी है। अवैध रूप से किया कब्जाअपर बाजार स्थित महेश नामक व्यक्ति ने नगर निगम की 500 वर्गफुट जमीन पर कब्जा कर उसमें दो कमरे का निर्माण कर लिया है। इसके अलावा चुरुवाला के समीप एक व्यक्ति ने जमीन कब्जा कर उसमें स्थायी पान की दुकान खोल ली है। छत की ऊंचाई बढ़ा दी मॉरवाड़ी कॉलेज के पास नगर निगम द्वारा अरसे पहले सरस्वती मार्केट का निर्माण किया गया था।

जर्जर स्थिति में होने की वजह से मार्केट के दुकानदारों ने कुछ माह पहले नगर निगम से मरम्मत की अनुमति मांगी थी। निगम के बाजार शाखा ने मरम्मत का आदेश दिया। दुकानदारों ने मरम्मत के साथ दुकान की छत की हाइट दो से तीन फीट बढ़ा दी। इसके लिए अनुमति भी नहीं ली। बदल दिया स्वरूपनगर निगम से अनुमति लिए बिना ही शहीद चौक के पास स्थित किताब वाला नामक दुकान के दुकानदार ने दुकान की छत ढाल दी। क्या है नियमनगर निगम के सीइओ दुकानदारों को दुकान मरम्मत करने का आदेश दे सकते हैं।

मगर दुकान में नया कंस्ट्रक्शन (छत ढलाई व नया दविार निर्माण आदि) करने के लिए निगम अफसरों को बोर्ड व नगर विकास विभाग से अनुमति लेना होगा। नगरपालिका अधिनियम में इसका प्रावधान किया गया है। कोट दुकान का स्वरूप बदलने के लिए निगम बोर्ड व सरकार से अनुमति लेना जरूरी है। बोर्ड की बैठक में इस मामले पर अफसरों से पूछताछ की जाएगी। - संजीव विजयवर्गीय, डिप्टी मेयरजमीन पर कब्जा व दुकान का स्वरूप बदलने की जानकारी मुझे नहीं है।

अगर ऐसा है तो जांच कर अवश्य ही कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार, सीइओ नगर निगम।

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