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कैसे मिलेगा पटना को महानगर का दर्जा

वरीय संवाददाता, पटना। पार्किंग स्थलों का संकट शहर के ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को फेल कर रहा है। नतीजतन जाम से निजात दिलाने की हर योजना कारगर होने से पहले ही दम तोड़ देती है।

मजबूरन पुराने ट्रैफिक प्लान को डंडे के बल पर लागू करने की कोशशि होती है। मसलन एक्जीबशिन रोड पर जाम सड़क पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के चलते लगता है। लोगों को सड़क पर वाहन खड़े करने से रोका नहीं जा सकता, जबरदस्ती फुटपाथ खाली नहीं कराए जा सकते, ऑटो के पड़ाव को बाहर किया नहीं जा सकता।

ऐसे में बड़ा सवाल कि पटना को महानगर का दर्जा कैसे मिलेगा?शहर का तेजी से विस्तार हुआ। शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स और बहुमंजिला भवन पटना को महानगर का दर्जा दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं लेकिन बड़ी सच्चाई यह कि जाम शहर को बदसूरत बनाता है।

देश, विदेश से पटना आने वाले व्यक्ति के दिल-ओ-दिमाग पर शहर की एक तस्वीर यह भी होती है। शहर में 51 पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव फाइलों से बाहर नहीं निकला। वजह बताई जा रही है कि पार्किंग बनाने के लिए स्थान ही नहीं है।

एक से पांच फरवरी के बीच वेटनरी कॉलेज मैदान स्त्री रोग विशेषज्ञों का सम्मेलन (ऐकॉग) आयोजित किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में डॉक्टर शामिल हुए थे। उन्हें भी शहर के जाम से भी दो-चार होना पड़ा।

वेटनरी कॉलेज के बाहर खड़े सैकड़ो वाहनों के कारण न सिर्फ हमारे मेहमानों को बल्कि स्थानीय लोगों को जाम से जूझना पड़ा। रांची से इस सम्मेलन में भाग लेने आई डॉक्टर कुमकुम विद्यार्थी दो फरवरी को कार्यक्रम स्थल से निकलने में दो घंटे लग गए।

ऐसी ही स्थिति का सामना देश-विदेश से आए कई डॉक्टरों को करना पड़ा। इसके अलावा शहर घूमने निकले डॉक्टरों ने भी जाम का नजारा देखा। शहर के महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर खरीदारी की कोशशि बेकार साबित हुई।

इन डॉक्टरों के मन में इस शहर के प्रति क्या छवि बनी होगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। सभी प्रमुख रास्ते और बाजारों में जाम की स्थितिपटना शहर के सभी मुख्य बाजारों में पार्किंग स्थल का संकट है।

इस कारण लोग अपने वाहनों को सड़क के सामने खड़ा कर देते हैं। छह माह पहले नगर निगम के मेयर ने शहरभर में कुल 51 नए पार्किंग स्थलों के निर्माण की बात कही थी लेकिन आज तक उनकी घोषणा फाइलों से आगे नहीं बढ़ी है।

एक्जीवशिन रोड, फ्रेजर रोड, कंकड़बाग, चिरैयाटांड़, स्टेशन के महावीर मंदिर के सामने, करबिगहिया रेलवे स्टेशन के पास, मीठापुर बाजार, अशोक राजपथ, बोरिंग चौराहा जैसे महत्वूपर्ण सड़क व स्थलों पर तो जैसे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। बौद्ध स्मृति पार्क जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल के समीप भी पार्किंग की व्यवस्था नही हो सकी है।

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