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लद्दाख में चीन की बौद्धिक घुसपैठ भारतनिपटने की तैयारी में-लगा

लद्दाख में चीन सिर्फ सैन्य घुसपैठ ही नहीं कर रहा है बल्कि बौद्धिक संपदा अधिकार को भी हथिया रहा है। चीन ने लद्दाख क्षेत्र में पाई जाने वाली तकरीबन साढ़े चार सौ पौधों या उनके उत्पादों पर यूएस पेटेंट हासिल कर लिए हैं। भारत ने भी अब इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

केंद्र सरकार इस क्षेत्र में अगले दो माह के भीतर अपना वैज्ञानिक कार्यक्रम शुरू कर देगी। विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्रालय के शोध केंद्र के लिए लद्दाख काउंसिल ने 50 एकड़ जमीन सौंपने का निर्णय लिया है।

यहां साइंस कांग्रेस के दौरान लद्दाख स्थित शोधकर वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों का कहना है कि लद्दाख के अपने क्षेत्र में चीन ने अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित कर ली हैं। लद्दाख में कई जगह पर सीमा स्पष्ट नहीं होने और दोनों क्षेत्रों में एक जैसी वनस्पतियां पाए जाने के चलते चीन मनमानी कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने इस मुद्दे को राज्य एवं केंद्र सरकार दोनों के समक्ष उठाया था। जम्मू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिड मेडिसिन के निदेशक डॉ. राम विश्वकर्मा ने बताया कि यह कदम हमने देर से उठाया है। बड़े पैमाने पर चीन के पेटेंट के बावजूद अभी भी वहां तीन हजार से भी अधिक महत्वपूर्ण पादप होने की संभावना है जो विभिन्न रोगों के उपचार में कारगर हो सकते हैं।

 

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  • Web Title:लद्दाख में चीन की बौद्धिक घुसपैठ भारतनिपटने की तैयारी में-लगा