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कश्यप समाज ने अनुसूचित जाति के लिए गुहार

सासनी। प्रदेश में कश्यप, निषाद, केवट, मल्लाह, धीमर समाज से जुड़ी 57 जातियों में सात जातियों को पहले ही अनुसूचित जाति में दर्ज किया जा चुका है। इसके बाद समाज से जुड़ी अन्य 17 जातियों को प्रस्ताव में जोड़ने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है। देश के दूसरे देशों में इसी प्रकार दोहरी अनुसूचित अधिसूचित होने के कारण जातियां स्व जातियां आरक्षण अधिकारों से वंचित हैं तथा शैक्षिक सामाजिक आर्थिक, रोजगार व राजनीतिक क्षेा में बहुत पिछड़ी हैं अपने साथ होने अन्याय को लेकर कश्यप, तुरैहा, मल्लाह आदि समाज के लोगों ने गांव सुसायत कलां में पूर्व ग्राम प्रधान सुरेश चन्द्र तुरैहा के आवास पर उन्हीं की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की।

बुधवार को की गई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज से जुड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में जोडने की मांग पिछले लगभग बीस वषों से की जा रही है। फिर भी केन्द्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी है। वक्ताओं ने कहा िकवह अपनी बात को लेकर कश्यप निषाद आदिवासी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेन्द्र कश्यप के नेतृत्व में आठ फरवरी को भारी संख्या में पिछड़ी जाति से हटाकर अनुसूचित जाति में शामिल करने की आवाज उठाएंगे।

जिसके लिए दिल्ली जंतर-मंतर व इंण्डिया गेट पर एक दिवसीय धरना पदर्शन करेंगे। बैठक में समाज के लोगों से एकजुट होकर धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए अपील की गई। बैठक में भाईचारा कमैटी जिलाध्यक्ष संजय कश्यप, राम कुमार तुरैहा, लक्ष्मीनारायण तुरैहा, नवरत्न सिंह तुरैहा, ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान रामजीलाल कश्यप, राजेन्द्र प्रसाद तुरैहा, कालीचरण कश्यप, रामदास तुरैहा, लटूरी सिंह, कशिन प्रधान हेतराम कश्यप, राम कशिन कश्यप, राम शरण तुरैहा, आदि रहे।

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