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इंग्लिश क्रिकेट से आखिरकार पीटरसन का नाता टूटा

इंग्लिश क्रिकेट से आखिरकार पीटरसन का नाता टूटा

इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन के विवादों से भरे अंतरराष्ट्रीय कैरियर पर बुधवार को विराम लग गया जब उन्होंने ऐलान किया कि उनका अद्भुत सफर खत्म हो गया है और अब वह देश के लिए नहीं खेलेंगे।
 
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे 33 बरस के इस बल्लेबाज ने यह फैसला उन्हें आगामी वेस्टइंडीज दौरे और उसके बाद बांग्लादेश में होने वाली विश्व टी20 चैम्पियनशिप के लिए टीम से बाहर करने के इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के ऐलान के एक दिन बाद किया।
 
पीटरसन ने 104 टेस्ट में 47.28 की औसत से 8181 रन बनाए जबकि 136 वनडे में 40.73 की औसत से 4440 रन बनाए। उन्होंने 37 टी20 में 1176 रन जोड़े। पीटरसन ने कहा कि देश के लिए क्रिकेट खेलना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं दुखी हूं कि यह अद्भुत सफर अब खत्म हो रहा है लेकिन पिछले नौ साल में एक टीम के रूप में हमने जो भी हासिल किया, उस पर मुझे गर्व है।

उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि देश के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के साथ इंग्लैंड के लिए खेलने का मौका मिला। मैं सभी को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं और टीम को भविष्य के लिए शुभकामना देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि बतौर क्रिकेटर अभी मेरे भीतर बहुत कुछ शेष है। मैं खेलता रहूंगा लेकिन खेद है कि अब इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सकूंगा।

समझा जा रहा है कि ईसीबी ने उन्हें संन्यास लेने को मजबूर किया। इससे पहले एशेज दौरे पर शर्मनाक हार के बाद मुख्य कोच एंडी फ्लावर भी पद से इस्तीफा दे चुके हैं। ईसीबी के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक पाल डाउनटन ने कहा कि अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए टीम तैयार करने की प्रक्रिया में पीटरसन को बाहर करने का फैसला कठिन था।

डाउनटन ने कहा कि सभी को पता था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद हमें दीर्घकालिन योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हमने सोचा कि अब भविष्य की ओर देखते हुए टीम बनाना जरूरी है। इंग्लैंड क्रिकेट केविन का आभारी रहेगा जो देश के सबसे प्रतिभाशाली और रोमांचक क्रिकेटरों में से रहे हैं। उनके 13797 रन बताते हैं कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं।

दक्षिण अफ्रीकी मूल के पीटरसन का कैरियर विवादों से भरा रहा है और उनकी अहंकारी होने के लिए अक्सर आलोचना हुई है। उन्होंने अक्सर इंग्लैंड ड्रेसिंग रूम में अलग थलग पड़ने की शिकायत की। कप्तान एलेस्टेयर कुक की आलोचना से भरे एसएमएस दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटरों को भेजने के कारण उन्हें टीम से बाहर भी होना पड़ा था। एशेज सीरीज 2005 में इंग्लैंड की जीत के सूत्रधार रहे पीटरसन ने कुछ महीने बाद कोच पीटर मूर्स को बर्खास्त करने की मांग करके विवाद पैदा कर दिया था। मूर्स को बर्खास्त कर दिया गया और पीटरसन को कुछ समय टीम से बाहर करके फिर वापिस ले लिया गया।

आईपीएल में भाग नहीं लेने के ईसीबी के निर्देश की अवहेलना के लिए भी उनकी बोर्ड से ठन गई थी। उन्हें बाहर करने के फैसले पर पूर्व क्रिकेटरों ने हालांकि तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्व कप्तान माइकल वान ने कहा कि इंग्लैंड 5-0 से हार गया और उन्हें बलि के बकरे की तलाश थी।

वहीं एलेक स्टीवर्ट ने कहा कि जब हम जीत रहे थे, तब हमने कुछ नहीं सुना। जब हम हारे तो हर कोई केपी पर उंगली उठा रहा है जो अनुचित और अन्यायपूर्ण है।

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