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स्पेक्ट्रम नीलामी का आज तीसरा दिन

स्पेक्ट्रम नीलामी का आज तीसरा दिन

दूरसंचार स्पेक्ट्रम की नीलामी आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई, जिसमें 4जी सेवा के उपयोग के लिए दो तरह के स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए आठ कंपनियां बोली लगा रही हैं।

दूरसंचार विभाग ने कहा कि नीलामी शुरू हो गई है। 900 मेगाहर्टज स्पेक्ट्रम के लिए मांग बहुत अधिक है और हमें उम्मीद है कि यह रफ्तार जारी रहेगी।

नीलामी के दूसरे दिन तक दूरसंचार कंपनियों ने करीब 45,000 करोड़ रुपए तक की बोली लगाई, जिससे सरकार के लिए उम्मीद बंधती है कि राजकोषीय घाटे पर लगाम लग सकेगी। वित्त वर्ष 2013-14 के पहले नौ महीने में राजकोषीय घाटा 5.16 लाख करोड़ पर पहुंच गया है जो बजट लक्ष्य के 95 प्रतिशत से अधिक है।

बोलीकर्ता अब यदि अंतिम नीलामी मूल्य का भुगतान किस्तों में भी करने का विकल्प अपनाते हैं तो सरकार को कम से कम 11,790 करोड़ रुपए मिलेंगे जो बोली पूर्व संगहीत राशि 11,343 करोड़ रुपए से अधिक है।

3जी नीलामी 2010 में 34 दिन तक चली थी, जबकि ब्रॉडबैंड वायरलेस एयरवेव्स की नीलामी 16 दिन तक चली और 2जी नीलामी नवंबर 2012 में दो दिन में एवं सीडीएमए नीलामी मार्च 2013 में उसी दिन समाप्त हो गई।

सरकार द्वारा की गई स्पेक्ट्रम की अब तक की यह सबसे बड़ी नीलामी है जिसमें करीब 1800 मेगाहर्टज बैंड में करीब 385 मेगाहटर्ज के स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई और 900 मेगाहर्टज बैंड में 46 मेगाहर्टज के स्पेक्ट्रम की पेशकश की गई है।

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने स्पेक्ट्रम की मांग बढ़ने का श्रेय तर्कसंगत कीमत को दिया है। सिब्बल ने कहा कि यदि आरक्षित मूल्य तर्कसंगत नहीं होता तो बाजार इसकी ओर आकर्षित नहीं होता।

 

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