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हवाला धंधेबाजों की होगी आधुनिक जांच

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। हवाला रैकेट की तह तक पहुंचने के लिए बिहार पुलिस आरोपियों की लायर्ड वॉयस एनालिसिस टेस्ट (एलवीए) करा रही है। तीन आरोपियों से हुई पूछताछ की रिकार्डिग अहमदाबाद स्थित फॉरेंसिक लैब भेजी गई है। यह पता लगाने की कोशशि की जा रही है कि हवाला के जरिए आए रुपए कहां गए और इसमें कितने लोग शामिल थे।

पिछले वर्ष लखीसराय में हवाला का बड़ा रैकेट पकड़ा गया था। इसके तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई थी। गिरफ्तार गोपाल गोयल, विकास कुमार, गणेश कुमार व पवन ने खुद के अलावा अन्य कई के नाम खाता खुलवाया। खातों में विदेश से रकम आई। रकम पहुंचते ही उनके मोबाइल पर मैसेज भेज दिया जाता। इनमें से कई मैसेज पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों से आए थे। गोपाल और उसके साथी रकम निकालने के बाद उसे मंगलुरु के एक एकाउंट में डाल देते।

बैंक एकाउंट के आधार पर पुलिस ने मंगलुरु से जुबैर हुसैन और उसकी पत्नी आयशा बानो को गिरफ्तार किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक जुबैर व आयशा के खाते में बिहार के अलावा देश के कई हिस्सों से करोड़ो रुपए जमा हुए। खातों में भेजी गई रकम को जुबैर निकाल लेता। फिलहाल इसकी जांच जारी है कि कैश किसे और कहां दिए गए। हालांकि ऐसे दो लोग मुश्ताक व आसिफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिन्हें जुबैर ने हवाला से आई रकम दी थी।

करोड़ो के खेल में पुलिस को कई और के शामिल होने की आशंका है। पर पूछताछ में जुबैर, मुश्ताक व आसिफ द्वारा सही जानकारी नहीं देने से अनुसंधान आगे नहीं बढ़ रहा। इससे पुलिस तीनों का वॉयस एनालिसिस टेस्ट करा रही है। दूसरी बार हो रहा टेस्टयह दूसरा मौका है जब बिहार पुलिस सच्चाई तक पहुंचने के लिए वॉयस टेस्ट का सहारा ले रही है। पहली बार मशरक मिड डे मील मामले में प्रचार्या मीना देवी का टेस्ट कराया गया था।

पॉलीग्राफ का यह एडवांस रूप है। इसमें संबंधित व्यक्ति से ढेरों सवाल पूछे जाते हैं। शुरू में व्यक्तिगत व बाद में केस से संबंधित। सवाल, जवाब को रिकॉर्ड किया जाता है। वैज्ञानिकों की टीम बोलने के हाव-भाव से यह जानने की कोशशि करती है कि जवाब सही है या गलत।

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