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सूबे में बदलेगी पैथोलॉजिकल जांच की व्यवस्था

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। पीपीपी मोड में पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था सफल नहीं रही। सरकार अब इस क्षेत्र में अपनी व्यवस्था बनाएगी। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल और पीएचसी स्तर तक पूरा हाईएंड नेटवर्क खड़ा करेगा। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से अमल में आने की उम्मीद है।

विभाग ने तय किया है कि पीपीपी मोड में जो दो या तीन निजी एजेंसियां काम कर रही हैं, उनसे अब आगे कांट्रैक्ट नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस तरह के लैब खोलने में बहुत पूंजी की जरूरत नहीं है और टेक्नशिियन पहले से उपलब्ध हैं।

पूरे राज्य में गुणवत्तापूर्ण डायग्नॉस्टिक केन्द्र खोलने के लिए सरकार एक्सपर्ट से तकनीकी सलाह भी ले रही है। इसके लिए नई दिल्ली स्थित देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स को पैथोलॉजिकल डिपार्टमेंट के प्रो. डॉ. मनोज कुमार सिंह को विशेषज्ञ के रूप में नामित किया गया है।

डॉ. सिंह ने नई दिल्ली से फोन पर बताया कि राज्य सरकार का पत्र उनको मिला है। शीघ्र ही वह राज्य का दौरा कर वहां की मौजूदा और नई व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में पीपीपी मोड में काम हो जाता है, मगर स्वास्थ्य क्षेत्र में यह व्यवस्था नहीं चल पाई।

विभाग के प्रधान सचवि दीपक कुमार द्वारा हाल ही में जारी संकल्प में भी कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में निजी भागीदारी में चल रही दोनों तरह की जांच की व्यवस्था अपेक्षित गुणवत्ता के अनुकूल नहीं हैं।

श्री कुमार के मुताबिक बाहर के कंसल्टेंट से विमर्श और बिहार स्वास्थ्य सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड से हासिल कंसेंट पेपर के आधार पर सूबे में तीन स्तर पर पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जांच की व्यवस्था की जाएगी।

अब यह होगी व्यवस्था : - पटना के एनएमसीएच में खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (सीओई) - सभी मेडिकल कॉलेजों एवं आठ जिलों के सदर अस्पताल में हब - शेष जिलों में स्पोक्स और कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे - यहां कई तरह की जांच की होगी मुफ्त व्यवस्था - विशिष्ट जांच के लिए सीजीएसएच के आधार पर दर तय होगी - सीओई रिसर्च सेंटर के रूप में काम करेगा इन जांच की होगी सुविधा : सीओई सभी तरह के पैथोलॉजिकल जांच और कई तरह के रेडियोलॉजिकल हब कई तरह के पैथोलॉजिकल जांच, रेडियो इमेजिंग, कार्डियो डायग्नोस्टिक स्पोक्स सामान्य पैथोलॉजिकल जांच, रेडियो इमेजिंग (सिटी स्कैन छोड़कर), कार्डियो डायग्नोस्टिक कलेक्शन सेंटर नमूना संग्रह और उनको ले जाने के लिए जरूरी स्टैंडर्ड उपकरण।

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