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भवन निर्माण के सभी प्रोजेक्ट की होगी निगरानी

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। भवन निर्माण के सभी प्रोजेक्ट की नगिरानी व्यवस्था को अब चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा। यह काम मुख्यालय से विभागीय सचवि की देखरेख में होगा। निर्माण की प्रगति से संबंधी सारी सूचनाओं का संग्रह नई इन्फार्मेशन सिस्टम के तहत होगा। यहां सभी निर्माण स्थल में रोजाना की हो रही भौतिक प्रगति इकट्ठा की जाएगी। इस इन्फार्मेशन सिस्टम में अद्यतन प्रगति अपलोड करने के लिए कार्यपालक अभियंताओं को कहा गया है।

प्रमंडलवार निर्माण की प्रगति का आकलन किया जाएगा और संबंधित सूचनाओं की डाटा इंट्री की जाएगी। विभाग की पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में यह पाया गया है कि मधुबनी, कटिहार, सीतामढ़ी, सहरसा, सुपौल, बक्सर, हाजीपुर, बेतिया और भभुआ से भवन निर्माण की प्रगति से संबंधित कोई सूचना इन्फार्मेशन सिस्टम में नहीं डाली जा रही है। गया में तो यह स्थिति बिल्कुल शून्य है। जबकि उन्हें रोजाना ही अपने क्षेत्र में चल रहे तमाम प्रोजेक्ट की प्रगति तस्वीरों के साथ अपलोड करनी थी ।

इस सिस्टम की खूबी है कि निर्माण स्थल (साइट) से तस्वीरों को भेजने पर उस स्थान का अक्षांश-देशांतर भी सिस्टम में आ जाता है। कोई भी अभियंता घर बैठे या बिना साइट पर गए तस्वीर या अन्य ब्योरा नहीं भेज सकता है। भवन निर्माण विभाग ने इसके पूर्व अपने सभी कार्यपालक से कनीय अभियंताओं को डाटा इंट्री करने की विधवित ट्रेनिंग दी थी। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (पीएमआईएस) के तहत डाटा इन्ट्री की ट्रेनिंग सभी प्रमुख जिलों में दी गई है।

तस्वीरों और डाटा को अपलोड करने के लिए उन्हें टैबलेट भी दिए गए हैं। लेकिन स्थिति यह है कि कैडर बंटवारे के बाद कई अभियंता दूसरे विभागों से आए हैं। ये अधिकतर नये लोग हैं। इन्हें सूचनाओं की प्रविष्टी में कठिनाई हो रही है।

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