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गार्मेंट सिटी के लिए नहीं मिल रहे निवेशक

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य में बनने वाले अपैरल (गारमेंट) सिटी में कंपनियों की रुचि नहीं दिख रही। दूसरी वस्तुओं की निर्माता कंपनियां जमीन नहीं मिलने के कारण बेचैन हैं, लेकिन अपैरल सिटी के लिए दो साल पहले जमीन चहि्न्ति करने के बावजूद मात्र एक कंपनी ने इस योजना में दिलचस्पी दिखाई है।

उद्योग विभाग ने बहिटा में अपरल सिटी बनाने का प्रस्ताव बड़ी कंपनियों को दिया था। अपैरल प्रोमोशन बोर्ड के आग्रह पर की गई यह कार्रवाई पूर्णिया में जूट पार्क और भागलपुर में फूड पार्क के बाद औद्योगिकरण की दिशा में राज्य सरकार की दूसरी बड़ी पहल थी।

फूड पार्क योजना तो बहुत आगे नहीं बढ़ी अब अपैरल सिटी का मामला भी खटाई में पड़ता दिख रहा है। दो साल पहले सरकार ने अपैरल सिटी के लिए 20 एकड़ जमीन चहि्न्ति कर दिया है। अब तक सिर्फ रेमंड ने इस क्षेत्र में उद्योग लगाने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। बियाडा ने उस कंपनी को लगभग दो एकड़ जमीन एलॉट की है। हालांकि इसके बगल में ही केन्द्र सरकार के फूड वेयर डिजाइन संस्थान को 16 एकड़ जमीन दी गई है।

जानकारी के अनुसार बच्चों की पोषाक के लिए मशहूर लिलिपुट राज्य में अपनी कंपनी लगाने को इच्छुक है, लेकिन उस कंपनी की रुचि बहिटा की जगह मुफ्फरपुर में है। लिहाजा उसका मामला खटाई में पड़ गया। हालांकि बियाडा के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार सिंह को कहना है कि लिलिपुट के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके अनुसार कंपनियां आएंगी तो जमीन दी जाएगी। शुरुआत रेमन्ड से हो चुकी है। सरकार का मानना है कि दूसरे राज्यों के वस्त्र उद्योग बिहार के लोगों के भरोसे चलते हैं।

अब यहां ऐसे उद्योग लगेंगे तो राज्य का पैसा बाहर नहीं जाएगा। साथ ही पोषाक निर्यात की संभावना भी बनेगी। ऐसे में विदेशी मुद्रा के मामले में देश भी मजबूत होगा। राज्य में गारमेंट का बाजार 300 करोड़ का है राज्य में सलाना कारोबार 27 ब्रांडेड कंपनियां करती हैं कारोबार500 सेमी ब्रांडेड कंपनियों का है करोबार2990 हैं निबंधित डीलर 10 हजार हैं कुल डीलर

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