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घायल की तीन दिन तक नहीं बदली पट्टी

 बदायूं। हिन्दुस्तान संवाद। सड़क हादसे में घायल को चार दिन तक जिला अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिल सका। मरीज को बांधी गई पट्टी तीन दिन तक नहीं बदली गई और चार दिन में उसे सिर्फ एक बार खाना दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। मंगलवार को इस बात की शिकायत जिलाधिकारी, एडी हेल्थ और जिला अस्पताल के सीएमएस से की गई।

तब कहीं जाकर मरीज की पट्टी बदली जा सकी। जिला अस्पताल में भर्ती जगत ब्लाक के सखानू गांव के निवासी चंद्रसेन पुत्र राम स्वरूप ने बताया कि एक फरवरी को ट्रक व बाइक की भिड़ंत में वे घायल हो गए थे। घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। पहले ही दिन से जिला अस्पताल प्रशासन उनके इलाज में लापरवाही कर रहा है। एक फरवरी को बांधी गई पट्टी मंगलवार दोपहर तक नहीं बदली गई। तीन दिन भर्ती रहने के दौरान उन्हें सिर्फ एक बार ही खाना दिया गया।

वह लगातार कई दिन से दर्द से कराह रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मंगलवार को उनकी मुलाकात दास कालेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष स्वाले चौधरी से हुई और उन्होंने पूरी बात स्वाले को बताई। इसके बाद स्वाले ने एडी हेल्थ डा. वाईके शर्मा से मामले की शिकायत की। स्वाले चौधरी ने बताया कि एडी हेल्थ का कहना भी जिला अस्पताल प्रशासन ने नहीं माना। शिकायत के बाद भी कोई डाक्टर इमरजेंसी वार्ड में नहीं आया और तीन घंटे इमरजेंसी सूनी पड़ी रही है।

बाद में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौके पर पहुंचा और उसने घायल चंद्रसेन की पट्टी बदल दी। हठधर्मिता का परिचय देते हुए डाक्टरों ने मरीज को देखना उचित नहीं समझा। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद भी किसी डाक्टर ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। अस्पताल प्रशासन मरीज को न देखने की जिद पकडेम् बैठा रहा। शाम तक किसी डाक्टर ने मरीज को देखने की जहमत नहीं उठाई।

वर्जन..........मरीज को लगातार खाना दिया जा रहा है और पट्टी भी बदली जा रही है। खाना न दिए जाने की बात भी गलत है, हर मरीज को समय पर खाना दिया जाता है। इमरजेंसी खाली पड़ी रही हो, ऐसा भी कहा जाना गलत है। डा. आरके वर्मा, सीएमएस।

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