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संप्रग से रूठीं माया, समर्थन वापस लिया

एटमी डील और महंगाई को लेकर हिचकोले खा रही संप्रग सरकार को उस समय तगड़ा झटका लगा जब बसपा ने उससे समर्थन वापस ले लिया। लोकसभा में बसपा के17 सांसद हैं और वह मनमोहन सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को यहां एक संवाददाता समेलन में कहा कि संप्रग सरकार का उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति सौतेला रवैया है और बार-बार उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जाता रहा है। इसे देखते हुए बसपा ने समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया।ड्ढr ड्ढr इस बीच भाजपा ने कहा है कि बसपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद संप्रग की उलटी गिनती शुरू हो गई है। मायावती ने कहा कि बसपा के इस फैसले की जानकारी राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल, लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्ाी, राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को दे दी गई है। मायावती ने इन लोगों को भेजी गई चिट्ठी की प्रति भी संवाददाता सम्मेलन में जारी की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में संप्रग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर उनकी पार्टी पहले विषय को देखेगी और फिर देश और सर्वहारा वर्ग के हित में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमने समर्थन वापस ले लिया है और देश की जनता व पार्टी हित में हम भावी निर्णय लेंगे। बसपा प्रमुख ने कहा कि लोकसभा चुनाव कभी भी हों उनकी पार्टी इसके लिए तैयार है। उधर भाजपा ने मायावती के इस फैसले पर कहा कि संप्रग सरकार के समर्थक दल यह समझने लगे हैं कि संप्रग सरकार का चेक और आगे नहीं भुनाया जा सकता है।

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  • Web Title: संप्रग से रूठीं माया, समर्थन वापस लिया