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शहर को शुद्ध पानी देने में जलकल लाचार

 आगरा। हिन्दुस्तान संवाद। यमुना जल में प्रदूषण ने जलकल विभाग की कमर तोड़ दी है। शहरी पेयजल आपूर्ति करने में जलकल विभाग लाचार हो गया है। इसके बावजूद हिंडन नदी से यमुना में बहता तेजाब और शहरभर में बंद पड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जलकल विभाग को अपंग करने पर आमादा हैं। रिकॉर्ड स्तर पर प्रदूषित हो चुकी यमुना नदी का पानी जहरीला हो गया है।

इसे शोधित कर पेयजल आपूर्ति करने में जलकल विभाग लाचार नजर आ रहा है। सीमित संसाधन और प्रदूषित रॉ-वॉटर ने जलकल विभाग की शहरी पेयजल आपूर्ति को बीते सप्ताहभर से पटरी से उतार रखा है। इसके बावजूद जलकल विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति कर रहा है। कोढ़ में खाज का काम बंद पड़े एसटीपी कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की जांच में शहर के आधा दर्जन एसटीपी ठप पड़े हैं, जिससे नालों में बहता हुआ सीवर सीधा यमुना में गिर रहा है।

मंगलवार को शहरी पेयजल आपूर्ति में आंशिक सुधार हुआ है। कई इलाकों में नलों ने पानी उगला। पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से शुद्ध नहीं है। वहीं दूसरी ओर गाजियाबाद स्थित हिंडन बैराज से यमुना में लगातार तेजाबी पानी का प्रवाह जारी है। सिंचाई विभाग बैराज के टूटे हुए गेट की मरम्मत में जुटा हुआ है। पेयजल संकट से जलकल विभाग भी परेशान है। जलकल महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने विषम परिस्थियों में उपभोक्ताओं से धर्य रखने की बात कही है।

उन्होंने पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता पर संयम बरतने और जलकल विभाग का सहयोग करने की अपील शहरियों से की है। वहीं जलकल संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए सूर्य नगर, लोहामंडी और ताजगंज में जोनल कैंप लगा दिए हैं। सोमवार को आवास विकास कॉलोनी, कोतवाली और केदार नगर के इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही है। जलमूल्य और जलकर में दस फीसदी छूटपानी के बिलों से संबंधित समस्याओं के लिए जलकल विभाग ने टोल फ्री नंबर शुरू किया है। जलकल महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि समय पर पानी बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को जलमूल्य, जल कर, सीवर प्रभार और सीवर कर में दस फीसदी की छूट दी जाएगी।

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