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बदरीनाथ के रावल पर आरोप से हड़कंप

नई दिल्ली/गोपेश्वर हिन्दुस्तान टीम।  बदरीनाथ धाम के प्रधान रावल वी केशवन नंबूदरी पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगने से धर्म जगत में हड़कंप मच गया है। बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि तय होने के दिन दिल्ली से मिली इस खबर ने सबको हिलाकर रख दिया है। रावल को पहले से जानता है परिवारपीड़ित महिला के पिता ने कहा कि वह 1993 से बद्रीनाथ जाते रहे हैं।

उन्होंने वर्ष 2002 में वहां एक होटल भी बनाया। केशवन कई बार पीड़िता के परिवार से मिल चुका है। एम्स में शराब पीने की जांचमहिला की शिकायत मिलने के बाद महरौली पुलिस होटल में रावल के कमरे में पहुंची और एम्स ले जाकर शराब के सेवन का उसका परीक्षण भी कराया। साकेत कोर्ट ने मंगलवार को केशवन और उसके सहयोगी विष्णु प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 2 मई, 2009 को मुख्य रावल बने केशवन दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों में गिरफ्तार वी. केशवन नंबूदरी ब्रह्मचारी अपने पूर्व रावल बद्री प्रसाद नंबूरी ब्रह्मचारी के साथ 6 साल नायब रावल के रूप में रहे।

रावल बद्री प्रसाद नंबूरी के इस्तीफे के बाद वर्ष 2 मई, 2009 को परंपरा और मान्यताओं के साथ धार्मिक अनुष्ठान में पगड़ी बांधकर केशवन को प्रधान रावल बनाया गया। अंतर्मुखी स्वभाव है केशवन का मंदिर समिति के कर्मचारियों का कहना है कि केशवन अंतर्मुखी स्वभाव के हैं। वह बहुत कम बोलते हैं। उन्हें कभी प्रवचन करते किसी ने नहीं देखा। वे मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद सीधे अपने कक्ष में ही रहते और जब कोई उनसे मिलने आता तो बदरीनाथ में अपने बैठक कक्ष में भक्तों से मिलते थे लेकिन ज्यादा कुछ बोलते नहीं थे।

रावल के लिए ब्रह्मचर्य का पालन जरूरीधार्मिक मान्यताओं, पंरपराओं और मंदिर समिति के नियमों के अनुसार रावल के पद पर आसीन होने के लिए ब्रह्मचर्य पहली शर्त है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का कहना है कि मंदिर समिति के नियम के तहत बदरीनाथ के रावल जब तक पूजा-अर्चना करेंगे, वे ब्रह्मचारी ही रहेंगे। ब्रह्मचर्य का पालन न करने या कदाचार का आरोप लगने पर उन्हें मंदिर समिति के अधिनियम के तहत पद छोड़ना पड़ेगा। इस बारे में मंदिर समिति के वर्ष 1939 की व्यवस्था में स्पष्ट उल्लेख है।

पहले भी लगे रावलों पर पथभ्रष्ट होने के आरोपबदरीनाथ के रावलों पर पहले भी पथभ्रष्ट होने के आरोप लगते रहे। श्री बदरीनाथ धाम पुण्यवाटिका पुस्तक के लेखक और डिमरी पंचायत के पंडित स्वर्गीय अंबिका दत्त डिमरी ने लिखा है कि पूर्व में रावलों की दुराचारपूर्ण नीतियों व पवित्र धाम की गरिमा पर धर्म विरुद्व आचरण के खिलाफ कई बार जनता ने आंदोलन किया। ब्रिटशि हुकूमत के दौरान आन्दोलनों के दबाव में प्रांतीय सरकार ने रावलों की स्वायत्तता और एकाधिकार पर रोक लगाई।

ऐसा करने के लिए 1939 में एक अधिनियम पारित किया। इसे पहले बदरीनाथ मंदिर समिति का नाम दिया गया और बाद में इसका नाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति रखा गया। आदिगुरु शंकराचार्य ने बनाई यह व्यवस्थाआदिगुरु शंकराचार्य ने भारत के चार पीठों में चार धाम की स्थापना की थी। पूरे देश के जनमानस को आपस में जोड़ने के लिए उन्होंने बदरीनाथ में पूजा पाठ की व्यवस्था अपने प्रथम शिष्य त्रोटकाचार्य को सौंपी थी। वे संत थे। कुछ समय तक मुख्य रावल संत ही होते रहे लेकिन उसके बाद ब्रहमचारियों को इस पद पर बिठाया गया।

संन्यासी रावल भी रह चुके हैं बदरीनाथ में बदरीनाथ मंदिर में संन्यासी रावल की पंरपरा लंबे समय तक रही है। प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार बदरीनाथ धाम में संन्यासी रावल लंबी अवधि तक रहे हैं। इनकी सूची इस प्रकार हैं। रावल बालकृष्ण स्वामी प्रथम, रावल हरबि्रहम स्वामी, रावल हरिस्मरण स्वामी, रावल वृन्दावन स्वामी, रावल अनंत नारायण स्वामी, रावल भवानंद स्वामी, रावल कृष्णानंद स्वामी, रावल हरिनारायण स्वामी, रावल ब्रह्रमानंद स्वामी, रावल देवानंद स्वामी, रावल रघुनाथ स्वामी, रावल पूर्णदेव स्वामी, रावल कृष्ण देवी स्वामी, रावल शविानंद स्वामी, रावल बालकृष्ण स्वामी द्वितीय, रावल नारायण उपेंद्र स्वामी, रावल हरीश चन्द्र स्वामी, रावल सदानंद स्वामी, रावल केशव स्वामी, रावल नारायण तीर्थ स्वामी, रावल रामकृष्ण स्वामी।

बदरीनाथ के अब तक के ब्रह्मचारी रावल-रावल गोपाल डिमरी ब्रह्मचारी, रावल रामचन्द्र ब्रह्मचारी, रावल नीलदंत ब्रह्मचारी, रावल सीताराम ब्रह्मचारी, रावल नारायण ब्रह्मचारी प्रथम, रावल नारायण ब्रह्मचारी द्वितीय, रावल कृष्ण ब्रह्मचारी, रावल नारायण ब्रह्मचारी तृतीय, रावल पुरुषोत्तम ब्रह्मचारी, रावल वासुदेव ब्रह्मचारी प्रथम, रावल राम ब्रह्मचारी, रावल वासुदेव दूसरी बार बने रावल, रावत शंभू गोविंद ब्रह्मचारी, रावल कृष्ण नंबूरी ब्रह्मचारी, रावल माधव केशवन ब्रह्मचारी, रावल बिष्णु केशवन ब्रह्मचारी, रावल सीवी गणपति ब्रह्मचारी, रावल नारायण नंबूरी ब्रह्मचारी, रावल श्रीधरन नंबूरी ब्रह्मचारी, रावल बिष्णु नंबूरी ब्रह्मचारी, रावल बद्री प्रसाद नंबूरी ब्रह्मचारी, विवाद में आए रावल केशवन नंबूरी ब्रह्मचारी ।

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