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आधार कार्ड की संवैधानिकता पर सुप्रीमकोर्ट में अंतिम सुनवाई शुरू

आधार कार्ड की संवैधानिकता पर सुप्रीमकोर्ट में अंतिम सुनवाई शुरू

उच्चतम न्यायालय ने आधार कार्ड की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज अंतिम सुनवाई शुरू कर दी। आधार कार्ड के विरोधियों का दावा है कि भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण की यह योजना किसी विधायी प्रावधान के बगैर ही चलाई जा रही है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष यह भी दावा किया गया कि इस परियोजना से निजता के अधिकार का ही हनन नहीं होता है बल्कि परियोजना की बायोमेट्रिक्स तकनीक भी अविश्वसनीय और अपरीक्षित है। न्यायालय में कहा गया है कि इस परियोजना के लिए सार्वजनिक धन को पर्याप्त वैधानिकता के बगैर ही निजी उद्यमियों को मुहैया कराया जा रहा है।
    
वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने दलील दी कि यह परियोजना मनमानी और गैरकानूनी है क्योंकि इसमें सरकारी नियंत्रण के बगैर ही बायोमेट्रिक्स पर निजी क्षेत्र को प्रभुत्व की इजाजत दी गई है और इस तरह निजी सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने राष्ट्रीय पहचान संख्या और आधार में अंतर के बारे में सवाल किए।

आधार कार्ड के बारे में शीर्ष अदालत के अंतरिम आदेश के आलोक में अंतिम सुनवाई शुरू हुई है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि सरकारी सेवाओं का उपयोग करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है और किसी को भी इस कार्ड के अभाव में ऐसी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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  • Web Title:आधार कार्ड की संवैधानिकता पर सुप्रीमकोर्ट में अंतिम सुनवाई शुरू