DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हड़तालियों के साथ सरकार की वार्ता विफल

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो। सरकार और समाहरणालय संवर्ग के बीच सोमवार को हुई वार्ता विफल रही। कर्मचारी लिखित देने पर अड़े रहे। सरकार की ओर से कहा गया कि 90 दिनों के अंदर जायज मांगे पूरी कर दी जाएंगी। इस पर झारखंड राज्य अनुसचविीय कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष राजेश रंजन दूबे ने कहा कि सरकार प्रति दिन सुनवाई करते हुए समस्या का समाधान एक-दो दिन के अंदर करे। जब तक सहमति के बिंदु तय नहीं किए जाएंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

सरकार की ओर से बनी कमेटी में सदस्य राजस्व पर्षद एके पांडेय, कार्मिक सचवि एसके सत्पथी, राजस्व सचवि जेबी तुबिद और वित्त सचवि एपी सिंह शामिल हैं। बर्खास्तगी की कार्रवाई जारीराज्य सरकार ने समाहरणालय संवर्ग के हड़ताली कर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि हड़तालियों को चहि्न्ति करें। सरकार ने यह भी आदेश जारी किया है कि 24 घंटे के अंदर काम पर लौट आएं, नहीं तो उनके खिलाफ सेवा विमुक्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

नो वर्क नो पे है लागूः सरकार ने 23 जनवरी से हड़तालियों पर नो वर्क नो पे लागू कर दिया है। इसका आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। कार्मिक विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को फैक्स से पत्र भेजकर निर्देश दे दिया है। निर्देश में कहा गया है कि यह हड़ताल झारखंड सरकारी सेवा आचार नियमावली के प्रतिकूल है।

14 वें दिन भी जारी रहा हड़तालः समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों का हड़ताल 14 वें दिन भी जारी रहा। पांच हजार र्क्रमचारी 21 जनवरी से झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (समाहरणालय संवर्ग) के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हड़तालियों के साथ सरकार की वार्ता विफल