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बिना लाइसेंस वाली मांस-मछली की दुकानें बंद करे

पटना वि.सं.। शहर में बिना लाइसेंस सड़क किनारे चल रही मांस-मछली की दुकानों को तत्काल बंद करने की कार्रवाई का आदेश पटना हाईकोर्ट ने दिया है। अदालत ने कहा कि शहरी विकास विभाग और निगम बताए कि कैसे कार्रवाई करेगा। शहर के बारे में फैसला लेने का काम निगम का है। मामला काफी गंभीर है। अधिकारियों के कर्तव्य का पालन नहीं करने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

पहले जहां एक दुकान थी, अब वहां कई दुकानें खुल गईं हैं। जिस प्रकार जानवरों को खुले में काटा जाता है, वह अपने आप में भयावह है। कानून के तहत कार्रवाई नहीं किए जाने पर शहरी विकास विभाग के प्रधान सचवि एवं पटना नगर निगम के आयुक्त को कोर्ट में हाजिर होकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा तथा न्यायमूर्ति विकास जैन की खंडपीठ ने स्वामी राकेश की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई की।

मामले पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता आलोक अग्रवाल ने मांस-मछली बेचने एवं काटने से संबंधित कई फोटोग्राफ अदालत में पेश किये। साथ ही फोटो की एक प्रति अपर महाधविक्ता अंजनी कुमार को भी दिया। उनका कहना था कि जिस प्रकार से जानवरों को काटा जा रहा है, इसे देखने के बाद छोटे-छोटे बच्चों पर क्या असर पड़ेगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने सड़क किनारे मछली बेचने की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि कानून की धज्जी सरेआम उड़ाई जाती है।

इधर, सरकार का पक्ष रखते हुए अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने माना कि बिना लाइसेंस के सड़क किनारे मांस-मछली बेचने का काम किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि प्लानिंग का काम शहरी विकास विभाग का है और उसे जमीं पर लाने का काम निगम का है। जब तक दोनों मिलकर काम नहीं करेंगे, शहर की स्थिति नहीं सुधर सकती। यहां अदालती आदेश के बाद काम करने की आदत सी बनती जा रही है। अदालत ने कार्रवाई करने एवं कैसे कार्रवाई होगी, इस बारे में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया।

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  • Web Title:बिना लाइसेंस वाली मांस-मछली की दुकानें बंद करे