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मुख्यमंत्री के सामने पेश की गई आबादी नियमावली

ग्रेटर नोएडा। हमारे संवाददाता। आबादी मामलों को लेकर लम्बे समय से प्राधिकरण के खिलाफ आन्दोलन चला रहे किसानों को राहत देने के लिए बनी आबादी नियमावली सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने पेश की गई। सीएम ने सहमति जता दी है। नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन, नोएडा ग्रेटर नोएडा में सिटी बस संचालन के लिए गठित कम्पनी पर भी विचार किया गया है।

इन सारे मुद्दों पर मंगलवार को फिर बैठक होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अफसरों ने करीब छह माह पूर्व नई आबादी व्यवस्थापन पॉलिसी को प्रस्ताव शासन को भेजा था। पुरानी पॉलिसी में जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बतौर सदस्य शामिल थे।

दोनों अधिकारी मामलों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण कार्यालय आते थे और न ही समिति द्वारा लिए गए फैसलों पर मुहर लगाते थे। लिहाजा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अगवाई में एक नई आबादी पॉलिसी बनाई गई।

इस पॉलिसी के तहत 22 गांवों के किसानों के सैंकड़ो लम्बित मामलों को सुलझा लिया गया लेकिन शासन से समिति को मंजूरी न मिलने की वजह से इन मामलों को बोर्ड बैठक में नहीं ले जाया जा सका।

12 फरवरी को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक होने जा रही है लिहाजा किसानों ने एक बार फिर प्राधिकरण अफसरों पर पॉलिसी को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को प्राधिकरण चेयरमैन रमा रमण की मुख्य सचवि जावेद उस्मानी व शासन के अन्य वरिष्ठ अफसरों के साथ वार्ता हुई।

वार्ता में पॉलिसी पर सहमति बन गई है। शहर से जुड़ा दूसरा बड़ा मामला नोएडा ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो संचालन के लिए बनी कंपनी (एनएमआरसी) नोएडा मेट्रो रेल कारपोरशन को मंजूरी को लेकर हुआ है। इन कंपनी के खाके पर भी सहमति बन गई है। तीसरा बड़ा फैसला नोएडा ग्रेटर नोएडा में सिटी बसों के संचालन को लेकर हुआ है। सिटी बसों के संचालन के लिए नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी का गठन पहले ही कर लिया था।

इस कंपनी के गठन पर भी शासन सहमत है। मंगलवार को इन मसलों पर एक बार फिर बैठक होगी। प्राधिकरण अधिकारियों को उम्मीद है कि मंगलवार को फैसला आ जाएगा।

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