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जवानी दीवानी का सालाना जलसा

वसंत ऋतु आ गई है। उजड़ा हुआ रीतिकाल वीरगाथा काल की मदद लेकर श्रृंगार रस की सीमाओं में सफलतापूर्वक घुसपैठ कर गया है। अरमानों की बस्ती में अलमस्ती छाने लगी है। मौसम की सांसों में एक नई डिजाइन की खुमारी तैरने लगी है। बगीचों में पत्तियां चीयरलीडर्स की तरह लहराने लगी हैं। फ्यूज बल्ब भी जलने लगे हैं। बूढ़ा हो या जवान, हर दिल में प्रेम की दुर्दात इच्छा हिलोरें मारने लगी है। वसंत का आयुर्वेदिक प्रभाव सनसनाती ताजगी वाली सोच के डिब्बों में कामनाओं का च्यवनप्राश भरने लगा है। गांव और शहर अपने-अपने ढंग से समान डिग्री में  बौरा गए हैं। यह प्रेम के महाकुंभ का महीना है। अभी वसंत आया है, कुछ दिनों बाद वैलेंटाइन आ जाएगा। मोबाइल फोन शोख मैसेजों के भार से चरमरा उठे हैं। रंगीले नशीले हो रहे हैं। छबीले हठीले हो रहे हैं। कुछ दिलजले यह देखकर लाल-पीले हो रहे हैं। लगन में मगन लवगुरु आई लव यू का कीर्तन करने में जुट गए हैं। और कुछ दीवाने अति उत्साह में आकर पहले ही पिट चुके हैं।

कोई गम नहीं। सोना जितना पिटता है, उतना ही निखरता है। तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के लिए चॉकलेट्स और आइसक्रीम का कूटनीतिक आदान-प्रदान चालू है। डेटिंग पर आया चकोरवृत्ति का प्रेमी प्रेमिका के चांद-से मुखड़े को ऐसे निहार रहा है, जैसे कोई गरीब मुल्क हसरत भरी निगाहों से विश्व बैंक को निहारता है। मुहब्बत की महासेल शुरू।
ऋतुओं में वसंत का रुतबा वही है, जो सत्ता के गलियारे में लालबत्ती वाली गाड़ी का होता है। यह वसंत का महीना है, जो रिटायरमेंट की उम्र में भी इंजॉयमेंट भर देता है। दुनिया की जवानी दीवानी का लोकल और ग्लोबल सालाना जलसा होता है यह महीना। इसके आते ही घर-दफ्तर, क्लब, कॉलेज, मंदिर-मयखाने, सभी जगह भीड़ बढ़ जाती है। वसंत आता है, तो मन उम्र की सीमा और जाति का बंधन तोड़कर खालिस सेकुलर हो जाता है। इस वसंत की हिस्ट्री जितनी हसीन है, केमिस्ट्री उतनी ही महीन है। आइए अपनी पूर्व खटपट को झटपट छोड़कर वसंती हो जाएं, क्योंकि वसंत यानी मनहूसियत का बस अंत।

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  • Web Title:जवानी दीवानी का सालाना जलसा