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चुनाव की नौबत आई तो संप्रग जिम्मेदार : डी रजा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने रविवार को फिर स्पष्ट किया कि परमाणु करार के मुद्दे पर वामदलों ने अपने रवैए में कोई परिवर्तन नहीं किया है, लेकिन अगर चुनाव की नौबत आती है तो इसके लिए वामदल हरगिज जिम्मेदार नहीं होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं रायसभा सदस्य डी रजा ने कहा कि आजकल हर जगह चुनाव की चर्चा होने लगी है, लेकिन वह यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि अगर चुनाव की स्थति उत्पन्न होती है तो इसके लिए वामदल कतई जिम्मेदार नही होंगे। वामदल परमाणु करार के मुद्दे पर पहले की तरह अपने दृष्टिकोण पर अडिग हैं। रजा का ध्यान जब उनकी पार्टी के महासचिव एवी वर्धन के एक चैनल पर प्रसारित उस भेंटवार्ता की तरफ दिलाया गया, जिसमें वर्धन ने कहा कि कोई चुनाव नही चाहता, तो माकपा सांसद ने कहा कि इस बयान का यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि परमाणु करार पर हमने अपने रवैए में कोई बदलाव किया है। यह सही है कि कोई चुनाव नही चाहता पर हम बराबर यह कह रहे है कि अगर चुनाव होता है तो इसके लिए संप्रग ही जिम्मेदार होगा, वामदल नहीं। वर्धन ने अपने बयान में यह भी कहा कि परमाणु करार बाद में देखेंगे, पहले महंगाई काबू में हो। रजा ने कहा कि महंगाई वाकई गंभीर समस्या है, उस पर काबू पाया जाना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि परमाणु करार को हम गंभीर मुद्दा नहीं मान रहे हैं। परमाणु करार पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) वाम समन्वय समिति की अगली निर्णायक बैठक 25 जून को होने वाली है। देखना है कि संप्रग उस दिन क्या निर्णय लेता है। वह वामदलों के आगे झुकता है या वामदल संप्रग के आगे झुकते हैं। संप्रग और वाम के इस टकरावपूर्ण रवैए से मनमोहन सरकार के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल ने दोनों से इस टकराव को रोकने की अपील की है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी कहा है कि इस संकट के बीच कोई न कोई रास्ता निकल आएगा।

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  • Web Title: चुनाव हुआ तो संप्रग जिम्मेदार : डी रजा