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सरकार को मिला नुस्खा, 27 शहर छूएंगे विकास की बुलंदी

सरकार ने देश के शहरी क्षेत्र में आवास निर्माण क्षेत्र में प्रगति के सूचकांक तैयार करने में सफलता प्राप्त कर ली है और जल्द ही देश के तीन सौ से अधिक शहरों में आवास निर्माण गतिविधियों के पूरे आंकड़े और प्रगति के अनुमान जारी किये जायेंगे।

हाउसिंग स्टार्ट अप इन्डेकस आवास निर्माण सूचकांक की पायलट परियोजना के अंतर्गत सोमवार को 27 बड़े शहरों के आंकड़े जारी किये गये। केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री गिरिजा व्यास ने सोमवार को यहां परियोजना के आंकड़े जारी किये। हाउसिंग स्टार्ट अप इन्डेकस मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय भवन निर्माण संगठन और भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रो. अमिताभ कुण्डु की अध्यक्षता वाले तकनीकी परामर्श समूह के सहयोग से तैयार किये है।

व्यास ने आवास क्षेत्र में प्रगति को देश की समग्र प्रगति का महत्वपूर्ण कारक बताते हुये कहा कि भवन निर्माण गतिविधियां दो से तीन वर्ष की अवधि तक तकरीबन 254 प्रकार के सहायक उद्योगों जैसे इंट, पत्थर, सीमेंट, लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक आदि को गति प्रदान करतीं हैं जो इस अवधि में आर्थिक वृद्धि दर को नियंत्रित करने या प्रभावित करने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के सूचकांक उपलव्ध होने से सरकार को तदनुसार नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। इससे भवन निर्माताओं के साथ-साथ उपभोक्‍तओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने सूचकांक तैयार करने को देश के आवास क्षेत्र में प्रगति के मार्ग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया।

प्रो. कुण्डु ने बताया कि प्रारंभिक सूचकांक तैयार करने में ढाई वर्ष का समय लगा है तथा इनसे विकास अनुमान संबंधी सूत्र विकसित करने में सफलता मिली है। अब बाकी शहरों से आंकड़े एकत्र करके विश्लेषण तुरंत किया जा सकेगा।

केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन सचिव अरुण कुमार ने बताया कि एक वेबसाइट बनायी गयी है तथा सभी नगरीय निकायों एवं प्राधिकरणों से आवास परियोजनाओं के आंकड़े उस पर डालने को कहा जायेगा।

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