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नैनो की हुई खराब मार्केटिंगः माशेलकर

नैनो की हुई खराब मार्केटिंगः माशेलकर

प्रख्यात वैज्ञानिक एवं टाटा मोटर्स के बोर्ड के सदस्य रघुनाथ माशेलकर ने कहा कि जनवरी, 2008 में पेश की गई दुनिया की सबसे सस्ती कार नैनो विफल नहीं रही, बल्कि खराब मार्केटिंग के चलते इसकी बिक्री प्रभावित हुई।

माशेलकर ने कहा कि किफायती कार के बजाय उत्कृष्टता इसकी यूएसपी होनी चाहिए थी। हाल ही में पद्म विभूषण से सम्मानित माशेलकर ने पिछले सप्ताहांत बैंक प्रमुखों की एक बैठक में कहा कि नैनो एक जबरदस्त कार है और इसे 86 पेटेंट हासिल हैं। इसलिए उत्कृष्टता को सामने लाया जाना चाहिए था और इसकी किफायती की खासियत को पीछे रखा जाना चाहिए था।

रतन टाटा के सपनों की कार को शुरुआत से ही कई अड़चनों का सामना करना पड़ा और इसे नए कलेवर में पेश करने के बावजूद इसकी बिक्री घटती रही। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान नैनो की 12,322 कारें बिकीं, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 43,627 कारें बिकी थीं।

कम बिक्री के चलते कंपनी का साणंद संयंत्र अपनी क्षमता का 10 प्रतिशत भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। साणंद संयंत्र की क्षमता सालाना 2.5 लाख कारों की है।

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