DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डीए मिल गया पर नहीं मिला सीएल का लाभ

इलाहाबाद प्रमुख संवाददाता। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में तैनात संविदा प्रवक्ताओं को महंगाई भत्ता (डीए) तो मिल गया लेकिन अभी तक इन्हें आकस्मिक अवकाश (सीएल) और प्रसूति अवकाश की सुविधा नहीं मिल सकी। डीए का आदेश होने के बाद अब संविदा प्रवक्ताओं ने इसके लिए लड़ाई शुरू की है। इसके साथ ही वे विनियमितिकरण की भी मांग कर रहे हैं।

संविदा प्रवक्ताओं को अभी तक 21600 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। पिछले दिनों प्रमुख सचवि नीरज कुमार गुप्ता ने इन्हें मानदेय के साथ महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया। अब इन्हें हर महीने 41040 रुपये मिलेंगे। इन्हें डीए देने का निर्णय 20 अगस्त 2013 को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय और इस निर्णय पर तीस अगस्त 2013 को वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत लिया गया है। कैबिनेट ने संविदा कर्मचारियों को संबंधित पद का न्यूनतम वेतनमान, महंगाई भत्ता के साथ ही राजकीय कर्मचारियों की भांति बीस दिन का आकस्मिक अवकाश और महिला कर्मियों को प्रसूति अवकाश देने का भी फैसला लिया था।

संविदा प्रवक्ताओं को अभी आकस्मिक अवकाश और प्रसूति अवकाश का लाभ नहीं मिल सका है। उत्तर प्रदेश राजकीय महाविद्यालय युवा शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि इस बारे में सांसद रेवती रमण सिंह से वार्ता की गई है। उनसे संविदा प्रवक्ताओं के विनियमितिकरण करने की भी मांग की जा रही है। सांसद ने इस बारे में मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया है। बकौल डॉ. सिंह उत्तराखंड सरकार ने 30 दसिंबर को अधिसूचना जारी कर दैनिक वेतन, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रुप से नियुक्त कर्मियों का विनियमितीकरण कर दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:डीए मिल गया पर नहीं मिला सीएल का लाभ