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व्यर्थ का चिंतन मानसिक अशांति का कारण

 अमरोहा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के स्थानीय केंद्र मोहल्ला कोट में स्थित प्रभु संदेश भवन पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में बताया गया कि व्यर्थ का चिंतन मानसिक अशांति का कारण होता है। केंद्र संचालिका बीके अर्चना ने बताया कि 18 जनवरी 1969 को संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा ने साकार देह का त्याग किया था।

इसीलिए जनवरी माह को वरदानी मास माना जाता है। धनौरा सेवा केंद्र प्रभारी बीके मनीषा ने श्रद्धालुओं को सौगात वितरित की। वैभव ने गिटार पर गीत पेश किया। इस मौके पर राकेश पाल, होरीलाल, डॉ. शवि स्वरूप, लवली, दिनेश यादव, उमेश यादव, ललित गुप्ता, पूनम, मंजू, कुमुद, कुसुम, गीता, भारती आदि मौजूद थे।

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