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गीता के प्रचार के लिए की बैठक

अलीगढ़। गीता प्रचार प्रसार समिति की ओर से रविवार को श्रीवाष्र्णेय मंदिर में बैठक आयोजित की गई। जिसमें एक ओर गीता के प्रवचनों पर बात कहीं तो वहीं दूसरी ओर गीता के प्रसार करने का प्रण लिया। अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में लोग श्रीमद् भागवत कथा और गीता के ज्ञान को भुलाते ही जा रहे हैं, जिसमें कहीं न कहीं संस्कार भी विद्यमान हैं। हमें संस्कारों को वापस लाना ही होगा।

इस मौके पर बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर शर्मा, संचालक डॉ. चक्खन लाल वाष्र्णेय, सह संचालक आचार्य मनोज शास्त्री, सचवि व कोषाध्यक्ष एसी वाष्र्णेय, व्यवस्थापक राधेलाल वाष्र्णेय, संस्थापक इंद्रपाल, निर्देशक केसी शर्मा आदि उपस्थित रहे। -भागवत में किया कंस वध प्रसंग का वर्णनफोटो मुकेशअलीगढ़। सुरेंद्रनगर स्थित सिद्ध पीठ पंच परमेश्वर मंदिर पर भागवत कथा में व्यासपीठ पवन कुमार वशिष्ठ ने रुक्मणी वविाह और कंस वध का विस्तार से रसपान कराया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि रुक्मणि के पिता बहुत ही ईश्वरवादी थे।

वे नित्य प्रति गंगा स्नान के लिए वहां जाया करते थे। एक दिन गंगा तट पर एक कन्या उन्हें प्राप्त हुइर्। वह कन्या को अपने घर ले आए। जिसका नाम रुक्मणि रखा गया जो साक्षात लक्ष्मी जी का ही रूप थी। उन्होंने कंस वध प्रसंग का रसपान कराया। अन्त में कथा के सार में बताया कि जीत हमेशा सच्चाई की होती है और बुराई की हार। कथा में प्रेमचंद शर्मा, मनोज भारद्वाज, नितिन स्वरूप, संजय कृष्ण, सौरभ , गोपाल, युगांक आदि उपस्थित रहे।

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