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दो माह में मनमोहन कैबिनेट में चार मंत्री कम

दो माह में मनमोहन कैबिनेट में चार मंत्री कम

लोकसभा चुनावों में जाने के पहले क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक और मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे? ऐसा संभावना न के बराबर है, लेकिन यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पांच साल पहले 38 कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरकार की शुरुआत करने वाले मनमोहन की कैबिनेट में केवल 29 मंत्री रह गए हैं। आठ दिसंबर को चार राज्यों के परिणाम आने के बाद मनमोहन सरकार में विभिन्न कारणों से चार मंत्री कम हुए हैं। इस समय पांच कैबिनेट मंत्री अपने मंत्रलयों के साथ अन्य मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे है।

जल संसाधन मंत्री हरीश रावत के उत्तराखंड के मुख्ममंत्री बनने के साथ मनमोहन सरकार में एक और मंत्री कम हो गया है। रावत के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को सौंपा गया है। इसके पहले 28 जनवरी को इस्तीफा देने वाली सामाजिक न्याय मंत्री कुमारी सैलजा के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रेल मंत्री मल्लिकाजरुन खड़गे को दिया गया था। 15 दिसंबर को श्रम मंत्री शीशराम ओला का निधन होने से खाली हुए श्रम मंत्रालय का कामकाज सड़क और परिवहन मंत्री आस्कर फर्नाडीज देख रहे है।

इसके अलावा 21 दिसंबर को पर्यावरण मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली जयंती नटराजन के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के पास है। संचार मंत्री कपिल सिब्बल पहले से ही कानून मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं।

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