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टहलें नहीं, तेज चलें

यदि वजन कम करना चाहते हैं तो जितना चलें, उतना उत्तम है। केवल आहार नियंत्रित करने से थोड़े समय तक वजन नियंत्रित होता है। स्थायी नियंत्रण के लिए स्नायु बढ़ाना जरूरी है। स्नायुओं के बढ़ने से शरीर की भट्ठी ज्यादा जोर से जलती है, उससे शरीर का फैट जल्दी कम होता है। इंसुलिन प्रतिरोध भी कम होता है। स्टेमिना बढ़ाने के लिए व्यायाम जरूरी है। चलना उत्कृष्ट व्यायाम है। रोज 3 से 4 कि.मी. चलें। चलने का मतलब टहलना नहीं, तीव्र गति से चलें। ब्रिस्क वॉक यानी एक घंटे में छह कि.मी. या 10 मिनट में एक कि.मी. फुर्तीली गति से चलें। एरोबिक वॉक के लिए यह सीमा 8 कि.मी. प्रति घंटा है। ध्यान रखें, शरीर में चर्बी बढ़ानेवाले दो प्रमुख तत्व हैं वसा व शक्कर। वसा में प्रति ग्राम 9 कैलरीज होती हैं। यदि श्रम करके इन कैलरीज का उपयोग न किया जाए तो आहार में खाए गए फैट की 97% चर्बी बन जाती है।               
(डॉ. अभय बंग की पुस्तक ‘हृदय रोग से मुक्ति’ से साभार )

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