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कांग्रेस के पेट में सबसे ज्यादा जहर है: नरेंद्र मोदी

कांग्रेस के पेट में सबसे ज्यादा जहर है: नरेंद्र मोदी

भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने मेरठ में रविवार को शंखनाद रैली को संबोधित करते हुए शहीदों की उपेक्षा और विकास के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मोदी मुजफ्फऱनगर दंगे पर भी खुलकर बोले और यूपी को दंगा मुक्त प्रदेश बनाने का वादा किया।

सोनिया गांधी के जहर बोने वाले बयान का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पेट में सबसे ज्यादा जहर है, क्योंकि वह सत्ता में सबसे अधिक रही है। जनता को देश तोड़ने वाली पार्टी से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने किसानों के नेता महेंद्र सिंह टिकैत और चौधरी चरण सिंह के नाम सम्मान के साथ लिए।

मोदी ने मायावती पर चुप्पी साध ली, लेकिन सपा पर सीधा हमला करते हुए मोदी ने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी की नहीं, समाज विरोधी पार्टी की सरकार है। प्रदेश में गुंडागर्दी है, कानून व्यवस्था चरमरा गई है। बहन-बेटियां भी सलामत नहीं हैं। सुरक्षित नहीं हैं। बेटी अगर पढ़ने गई है तो लौटकर विश्वास से नहीं कह सकती कि आज उसे कोई तकलीफ नही हुई। मोदी ने कहा कि मुलायम सिंह जी राजनीति अपनी जगह है, करते रहिए, लेकिन मां-बेटियों का सम्मान मत छीनिए। उन्हें शान से जीने का मौका दीजिए। मोदी से मुकाबला करना है तो यहां की कानून व्यवस्था ठीक करिए। किसानों का भला करिए। फिर विकास के मुद्दे पर मुकाबला करिए।

मोदी ने सोनिया गांधी पर सीधा हमला किया और कांग्रेस को विभाजनकारी पार्टी बताते हुए कहा कि तोड़ो और राज्य करो इस पार्टी का मूल मंत्र है। सोनिया आजकल एक नया राग अलाप रही हैं। देश के बड़े मुद्दों पर सीधा जवाब नहीं देतीं। किसानों की आत्महत्या की बात होती है तो उनका जवाब होता है कि कुछ लोग जहर की खेती करते है। मोदी ने सवालिया लहजे में पूछा कि जयपुर में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान सत्ता को जहर बताने वाली सोनिया यह बताएं कि सत्ता अगर जहर है तो सबसे ज्यादा इसे चखने का काम किसने किया। जहर कौन उगल रहा है... जहर की फसल कौन बो रहा है... कौन काट रहा है।

किसानों की दुर्दशा की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि यूपी में चीनी मिल मालिक मस्त हैं। जनता पस्त है और सरकार लापरवाह। मोदी ने कहा कि यूपी के नेताजी के मुंह से गलती से सच निकल गया कि यूपी में लोक कल्याण का बजट गुजरात के कुल बजट से भी ज्यादा है। लेकिन गुजरात में तो कम बजट में भी लोग खुशहाल हैं, लेकिन आपके यहां लोग परेशान क्यों हैं। जवाब दो नेताजी, देश जानना चाहता है। जनता की पाई पाई का हिसाब होना चाहिए।

पश्चिमी यूपी की चर्चा
आजादी की लड़ाई में मेरठ के योगदान की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि 1857 में यहां पहली बार कमल और रोटी का नारा दिया गया था। वेस्ट यूपी की धरती में त्याग और बलिदान की गाथा भरी पड़ी है, लेकिन कांग्रेस ने उसे सामने लाने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उसे डर था कि अगर शहीदों के त्याग-बलिदान की चर्चा होगी तो कांग्रेस की गाथा को भुला दिया जाएगा। क्या यह शहीदों का अपमान नहीं है, स्वतंत्रता संग्राम का अपमान नहीं है।

वेस्ट यूपी से अपने लगाव की बात करते हुए मोदी ने कहा कि यहां की धरती से मेरा गहरा रिश्ता है, क्योंकि गुजरात के एक सपूत स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेस्ट यूपी को अपनी कर्मभूमि बनाई थी। यहां के लोग आज भी उनका सम्मान करते हैं, अपार श्रद्धा रखते हैं। इसके लिए मुझे गर्व की अनुभूति होती है।

सपा सरकार में वेस्ट यूपी की उपेक्षा की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि वेस्ट के भरोसे ही यूपी की अर्थव्यवस्था चल रही है, लेकिन जिस गति से मेरठ की आबादी बढ़ रही है, उस गति से विकास नहीं हो रहा है। सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं। अगर वेस्ट का यह हाल होगा तो बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा।

यूपी की बदहाल बिजली आपूर्ति की ओर संकेत करते हुए मोदी ने कहा कि यूपी में बिजली का जाना समाचार नहीं है। बिजली आती है तो समाचार बनता है। रैली में मौजूद लोगों से उन्होंने पूछा कि क्या आपको 24 घंटे बिजली मिलती है। अगर आपको ये बिजली भी नहीं दे पाते हैं तो विकास कैसे करेंगे। सुकून क्या देंगे।

मोदी की नजरों में मेरठ
मोदी ने कहा कि मेरठ ने 1857 की क्रांति का नेतृत्व किया। इसके कारण इस शहर के प्रति अंग्रेजों को बहुत गुस्सा था। वे जब तक हिन्दुस्तान में रहे, मेरठ को दुश्मन की नजर से ही देखते रहे। देश के कई शहरों का विकास हुआ लेकिन मेरठ का नहीं, क्योंकि उन्हें गुस्सा था। अब आजाद हिन्दुस्तान की सरकार को मेरठ के प्रति कौन सा गुस्सा है। अब तो केंद्र में भी इसी इलाके से मंत्री हैं फिर भी मेरठ को ऐयर पोर्ट क्यों नहीं दिया जा रहा। विकास क्यों नहीं कर रहा।

मोदी ने कहा कि मेरठ सहित वेस्ट यूपी के विकास के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सपना देखा था। एनडीए सरकार में 1999 में योजना भी बनी थी लेकिन बाद की सरकारों में सिर्फ वोट बैंक की राजनीति हो रही है। सपा-बसपा के झगड़े के कारण आज मेरठ को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

चरण सिंह और टिकैत होते तो यह हाल नहीं होता
किसानों के हाल पर मोदी ने कहा कि लोहिया के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को किसानों की चिंता रत्ती भर भी नहीं है। यूपी में गन्ने के किसानों का हाल देखकर बहुत चिंता होती है। सरकारों ने क्या हाल कर रखा है किसानों का। 60 लाख से ज्यादा गन्ना किसान हैं, जिन्हें भर पेट खाना भी नहीं मिल पाता। चीनी मिलें दगा दे रही हैं, खेतों का गन्ना मिलों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मोदी ने कहा कि अगर आज चौधरी चरण सिंह और महेंद्र सिंह टिकैत जिंदा होते तो किसानों का ऐसा हाल नहीं होता। वे यूपी सरकार को नाको चने चबवा देते और गन्ना किसानों के लिए कुछ कर के दिखाते।

किसानों की भलाई के लिए चरण सिंह समर्पित थे।
गुजरात के किसानों से तुलना करते हुए मोदी ने कहा कि हमारे यहां जैसे ही गन्ने की फसल पैदा हो जाती है, वैसे ही मिलें शुरू हो जाती हैं। किसानों को पैसे मिल जाते हैं। फसल बोने से पहले तय हो जाता है कि किस किसान का गन्ना किस मिल में जाएगा। गुजरात में नई तकनीक से गन्ने की खेती होती है। पहले एक एकड़ खेत में जितना गन्ना होता था आज उसी खेत में डेढ़ गुना ज्यादा पैदा हो रहा है। चीनी भी डेढ़ गुना ज्यादा निकल रही है। लेकिन यूपी के किसानों को ज्यादा फायदा मिल सके, सरकार क्यों नहीं सोच रही है। किसानों की भलाई के लिए गुजरात ने सहकारी आंदोलनों को बल दिया है। हमारे यहां किसान ही चीनी मिलों के मालिक हैं। क्या हम वेस्ट यूपी के किसानों के लिए ऐसा नहीं कर सकते क्या।
 
दिल्ली में कारनामे

दिल्ली को एक ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित होना चाहिए, लेकिन कुछ दिनों से जिस तरह के कारनामे किए जा रहे हैं, उससे दुनिया में हमारा माथा शर्म से झुक जा रहा है। कभी मणिपुर की बेटियों के साथ अन्याय किया जाता है, कभी अरुणाचल के बच्चों को मार दिया जाता है। देश के अन्य राज्यों से बच्चे दिल्ली में पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली में घर नहीं मिलता। नॉर्थ इस्ट से आने वाले बच्चों के लिए हॉस्टल की सुविधा होनी चाहिए। वे भी हमारे बच्चे हैं, उनकी सुरक्षा का हमारा है। लेकिन दिल्ली की सरकार को इन चीजों की परवाह नहीं है।
 
हरिओम पंवार की चर्चा

मेरठ में हरिओम पंवार वीर रस के कवि हैं। गुजरात जाते थे तो कहते थे कि अहमदाबाद और मेरठ की प्रकृति एक जैसी है। हमारा मेरठ भी अहमदाबाद की तरह दंगा करने में माहिर है। कई साल पहले गुजरात में भी आए दिन दंगे हुआ करते थे। छुरी चाकू चलते रहते थे। लेकिन गुजरात की जनता ने तय कर लिया कि सम्मान के साथ जीना है, विकास के रास्ते पर चलना है। अब गुजरात दंगा मुक्त हो गया। लेकिन अब यूपी को यह रोग लग गया है। क्या यूपी को दंगा मुक्त बनाना है, खूनी खेल बंद करना है तो आप हमपर भरोसा कीजिए। हम आपको दंगा मुक्त यूपी बनाकर देंगे। शांति देंगे।
 
सरस्वती विद्या मंदिर
मोदी ने कहा कि मेरठ में सरस्वती विद्या मंदिर में जाने वाला था, अब कार्यक्रम के बाद जाऊंगा। देश में सरस्वती विद्या मंदिर चलाने वाले सभी महानुभावों को नमन करता हूं। ये लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के बच्चों को यहां लाकर शिक्षा दे रहे हैं। जंगलों से बच्चों को लाकर उन्हें होनहार बनाया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली में अरुणाचल के एक बेटे को मौत के घाट उतार दिया जाता है। मुझे गर्व होता है कि अरुणाचल के नागरिक चीन से लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां के लोग एक दूसरे से मिलते हैं तो जय हिन्द बोलते हैं, उस अरुणाचल के बेटे को दिल्ली में मार दिया जाए, हम शर्म से झुक जाते हैं।

 

 

 

 

 

 

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