DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘मेरा स्कूल-मेरा केंद्र’ के कांसेप्ट को एडॉप्ट करेगा बंगाल

सिमडेगा। सच्चिदानंद। बच्चे बड़े होकर जिनके जैसा बनना चाहते हैं वहीं अधिकारी अगर उन्हें पढ़ाने आएं तो कैसा रहे? सिमडेगा में इन दिनों ऐसा ही हो रहा है। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मास्टर साहब ही नहीं बल्कि अफसर और विधायक भी पढ़ाने आते हैं। उपायुक्त प्रवीण कुमार टोप्पो सप्ताह में एक दिन जिले के किसी एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं।

विधायक वमिला प्रधान ने ठाकुरटोली स्कूल को गोद लिया है। इसी तरह डीडीसी, डीआरडीए के निदेशक और जिले के अन्य सभी अधिकारियों ने भी किसी न किसी स्कूल को गोद लिया है। उपायुक्त की पहल पर शुरू की गई इस अनोखी योजना का नाम मेरा स्कूल-मेरा केंद्र दिया गया है।

अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जाकर पढ़ाने की जिम्मेवारी दी गई है। ये अधिकारी गणित और अंग्रेजी विषय की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हैं।

इसका मकसद छात्र-छात्राओं में इन विषयों के प्रति पैठे खौफ को दूर करना है। जिले के 194 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र चयनित उपायुक्त ने बताया कि जिले में तैनाती के बाद स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में उन्होंने पाया कि बच्चों गणित और अंग्रेजी विषय में काफी कमजोर हैं। वही स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में पठन-पाठन का माहौल भी सही नहीं है। इस कारण उन्होंने जिले में ‘मेरा स्कूल-मेरा केंद्र’ योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया।

इसके लिए 194 स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को चुना गया। एक साल बाद इसका आंकलन किया जाएगा कि इस योजना का छात्र-छात्राओं को क्या लाभ मिला? उसके बाद और बड़े पैमाने पर इसे लागू किया जाएगा।

बंगाल ने मांगा कांसेप्ट सिमडेगा के ‘मेरा स्कूल-मेरा केंद्र’ योजना की तर्ज पर जल्द ही पश्चिम बंगाल में भी एक योजना शुरू की जाएगी। मदिनापुर जिले के डीएम ने ‘मेरा स्कूल-मेरा केंद्र’ में रुचि दिखाई है। उन्होंने जिला प्रशासन से संपर्क कर ‘मेरा स्कू ल-मेरा केंद्र’ योजना का विस्तृत वविरण मांगा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:‘मेरा स्कूल-मेरा केंद्र’ के कांसेप्ट को एडॉप्ट करेगा बंगाल