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अश्लीलता की छवि से उबर रही भोजपुरी संगीत

धनबाद कार्यालय संवाददाता। भोजपुरी संगीत में अश्लीलता को श्रोता नकार रहे हैं। भोजपुरी अलबम व गाने अश्लीलता की छवि से उबर रहे हैं। अश्लीलता का मिश्रण कर लोकप्रियता बटोरने वाले कलाकारों के कारण नए कलाकारों को मुश्किलें हो रही हैं। खासकर महिला गायकों को काफी संघर्ष करना पड़ता है।

यह कहना है भोजपुरी संगीत कार्यक्रम सुर संग्राम के विजेता रहे गायक मनोहर सिंह व प्रतिभागी अलका सिंह पहाड़िया का। धनबाद महोत्सव में प्रस्तुति देने पहुंचे इन गायकों ने भोजपुरी संगीत को एक मुकाम तक पहुंचाने की मंशा जताई।

दबंग तीन में अभियन का मौकादो दर्जन से अधिक भोजपुरी फिल्मों में पचास से अधिक गाने व कई अलबम में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले मनोहर बताते हैं कि 2011 में बेटी फिल्म से उन्हें ब्रेक मिला। गायन के साथ हिन्दी फिल्मों में अभिनय की तैयारी कर रहे हैं। मुंबई में कोर्स भी कर रहे हैं। गायन की प्रेरणा मां शशिरेखा सिंह से मिली। कहते हैं क्षत्रिय परिवार से होने के कारण भोजपुरी गायन के क्षेत्र में आने का विरोध भी ङोलना पड़ा।

बावजूद गांव युसूफपुर में आयोजित होनेवाले रामलीला ने लगातार प्रेरित किया। बाद में परिवार के सदस्यों ने भी सहयोग किया। हिन्दी फिल्मों में गाने की तमन्ना वही भोजपुरी गायिका अलका पहाड़िया ने कहा कि भोजपुरी में द्विअर्थी गानों के कारण इस क्षेत्र में महिला कलाकारों को बड़ी मुश्किल होती है।

दर्शक भी अनाप-शनाप गानों की डिमांड करते हैं। बावजूद टीवी पर चल रहे कार्यक्रम ने इस प्रवृत्ति पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। अलका ने बताया कि देवरा भईल दिवाना नामक फिल्म में अभिनेत्री पाखी हेगड़े के लिए आवाज दी है।

यह फिल्म जनवरी में प्रदर्शित होगी। हिन्दी फिल्मों में भी गीत गाना उनका लक्ष्य है।

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