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दुष्कर्म किया फिर महिला को पहुंचाया अस्पताल

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। दुष्कर्म करनेवाले ने खुद को निदरेष साबित करने के लिए बेहोश महिला को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को शुरू में ही उसपर शक हुआ, लेकिन सबूत नहीं थे। आखिरकार मामला एफएसएल पहुंचा और दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। अस्तपताल पहुंचानेवाला शख्स ही दुष्कर्मी निकला। दुष्कर्म के मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की पहली रिपोर्ट ने ही पुलिस को आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध करा दिया है।

सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष एक महिला के साथ उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह बाजार से वापस लौट रही थी। घटना के बाद एक व्यक्ति ने बेहोशी की हालत में महिला को सदर अस्तपाल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचानेवाले मो. फिरोज पर पुलिस को भी शक हुआ। उसके और पीड़ित महिला के कपड़े डीएनए जांच के लिए पटना के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री लाया गया। शक के आधार पर तीन अन्य दबोचे गए और उनके कपड़े भी लैब को भेजे गए।

जांच रिपोर्ट सामने आई तो वैज्ञानिक भी चौंक गए। जिस व्यक्ति ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जांच में उसी का डीएनए प्रोफाइल मैच कर गया। यानी दुष्कर्म उसी ने किया। बाकी किसी का प्रोफाइल नहीं मिला। जिस शख्स पर पुलिस को शक था उसी के खिलाफ डीएनए जांच से पुख्ता सबूत मिले हैं।

इसके बाद आरोपी का बचना नामुमकीन है। दुष्कर्म के मामले में बिहार पुलिस की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की यह पहली रिपोर्ट थी। दिसम्बर में ही दो वैज्ञानिकों को इस तरह की जांच की बारीकियों से अवगत कराने के लिए सीबीआई के दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भेजा गया था।

सहरसा के सदर थाना से जुड़े दुष्कर्म के मामले की रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी गई है।

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