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नियोजित शिक्षकों को धोखा दे रही सरकारः विधान पार्षद

बक्सर। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नियोजित शिक्षकों के मानदेय में प्रतिमाह तीन हजार रूपये की बढ़ोतरी शिक्षकों के साथ धोखा है। एक साजशि के तहत सरकार शिक्षकों को संविदा पर बहाल कर गुमराह कर रही है। उक्त बातें सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता सह गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहती है, तो सभी पुराने पदों को सृजित कर नियोजित शिक्षकों को समायोजित करें।

पुराने शिक्षकों को मिलने वाले सभी लाभ भी नियोजित शिक्षकों को दिया जाय। उन्होंने कहा कि सरकार साजशि के तहत शिक्षकों को संविदा पर बहाल कर रही है। संविदा पर शिक्षकों की बहाली बंद होनी चाहिए। कहा कि किसी भी हाल में नियोजित शिक्षकों को वेतनमान देना होगा।

अगर ऐसा नहीं हुआ, तो नियोजित शिक्षक न्याय मोर्चा के बैनर तले लगातार आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही पार्षद ने नाव हादसे में मरे लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि अगर अपने यहां कृषि की अच्छी व्यवस्था होती, तो मजदूरों को काम करने के लिए अन्य प्रदेशों में नहीं जाना पड़ता।

जिले में 199 सरकारी नलकूप हैं, जिनमें ज्यादातर खराब पड़े हैं। पर इसे ठीक कराने के लिए सरकार के पास समय नहीं है। पार्षद ने मृतक महिलाओं व बच्चियों के परिजनों को पांच लाख रूपये की मुआवजा व इंदिरा आवास देने की मांग की।

साथ ही जान की बाजी लगाकर महिलाओं को बचाने वाले अनिल, जितेंद्र, राजू व संतोष को वीरता पुरस्कार के लिए अनुशंसा करने की सरकार से मांग किया। इसके पहले पार्षद ने बीबी हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत की।

मौके पर पार्षद प्रतिनिधि ब्रजेश कुमार राय, धनंजय कुमार, लक्ष्मण सिंह, संतोष दूबे, रासपा के जिलाध्यक्ष निर्मल कुशवाहा, बिहारी पासवान, चंदेश्वर प्रसाद, दीनानाथ ठाकुर, अशोक पासवान समेत अन्य मौजूद थे।

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