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बीमा कम्पनी के विकास अधिकारी को सजा

लखनऊ। विधि संवाददाता। प्रीमियम का पैसा गबन करने के मामले में नेशनल इंश्योरेंस कम्पनी के विकास अधिकारी डीके अग्रवाल को सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। विकास अधिकारी इलाहाबाद के सिविल लाइंस शाखा में कार्यरत था। विशेष जज सुरेंद्र सिंह ने मुजरिम पर 70 हजार का जुर्माना भी ठोंका है। अभियुक्त कवर नोट के पहले पन्ने पर ट्रक का बीमा दिखाता था और अंदर के पन्नों पर स्कूटर का बीमा दिखाकर कम्पनी में कम प्रीमियम जमा करता था।

मारपीट के एक मामले में अपने मुल्जिम भाई की जगह पेश होकर खुद भी मुल्जिम बनने वाले अविनाश मिश्र को अदालत ने शनिवार को जेल भेज दिया। इसके खिलाफ अदालत को धोखा देने व अपने मुल्जिम भाई को लाभ पहुंचाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत के आदेश से इस मामले के वविेचक व सिविल कोर्ट चौकी इंचार्ज यदुनाथ यादव द्वारा उसके हस्ताक्षर का नमूना लिया गया।

वविेचक का कहना है कि मुल्जिम अविनाश ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि वह इससे पहले भी कई तारीखों पर अपने भाई की जगह अदालत में उपस्थित होकर दस्तखत करता रहा है। इससे पहले थाना वजीरगंज की पुलिस द्वारा अविनाश को अदालत में पेश किया गया। अविनाश के भाई अमित मिश्र के खिलाफ काकोरी थाने से संबंधित मारपीट का एक मुकदमा अदालत में लंबित है। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट भी जारी है।

बबलू अदालत में पेश

 रंगदारी के मामले में बंद माफिया सरगना ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू को बरेली सेंट्रल जेल से शनिवार को राजधानी की विशेष अदालत में पेश किया गया।

उसके खिलाफ जेल में रहकर मोबाइल के जरिए अवैध धन उगाही व धमकी देने का मुकदमा चल रहा है। पिछले 11 साल से चल रहा यह मुकदमा अभी गवाही के स्तर पर लंबित है। मामले की अगले सुनवाई 15 फरवरी को होगी।

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