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मिल गेट का ताला तोड़ने पर तनाव

सिम्भावली । हमारे संवाददाता। शनिवार को भाकियू नेताओं ने शराब फैक्ट्री के गेट पर धरना देते हुए गन्ना भुगतान तथा प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इतना ही नहीं, मिल गेट पर ताला भी जड़ दिया।

मौके पर पहुंचे एसडीएम तथा सीओ ने किसी तरह समझाकर धरना तो समाप्त करा दिया लेकिन भाकियू ने ताला खोलने से साफ इनकार कर दिया। दूसरी ओर, देर रात ताला तोड़ने पर भाकियू तथा बसपा नेता के बीच टकराव की स्थिति को देखते हुए जिले की तमाम थानों की फोर्स तथा पीएसी को मौके पर बुला लिया गया है। सिम्भावली में शनिवार को भाकियू ने नहर कोटी पर मासिक बैठक का आयोजन किया था। बैठक के बाद भाकियू कार्यकत्र्ताओं ने शराब फैक्ट्री के बाहर धरना प्र्दशन शुरू कर मिल गेट पर ताला जड़ दिया।

भाकियू के लोगों ने क्षेत्र में गंदे पानी के माध्यम से भूगर्भीय जल को प्रदूषित करने का आरोप लगाया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर चौधरी ने आरोप लगाया कि इस जहरीले पानी के कारण क्षेत्र के करीब 20 गांवों का पानी पीने योग्य नही रह गया है तथा गंगाजल काला पड़ गया है, जिस कारण उन गांवों में रहने वाले लोगों में कई प्रकार की बीमारी पसर रही है। भाकियू के जिला महासचवि दिनेश खेड़ा ने आरोप लगाया कि मिल पर किसानों का पिछले तथा वर्तमान सत्र का करीब दो करोड़ रुपये गन्ने का बकाया है, लेकिन मिल मालिक गन्ने का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससें किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

धरना प्र्दशन की सूचना मिलते ही एसडीएम जयशंकर मिश्रा तथा सीओं मौके पर पहुंच गए तथा समस्याओं को जल्द हल करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया लेकिन भाकियू ने ताला खोलने से इंकार कर दिया। ताला टूटने से सूचना से मचा हड़कंप मिल गेट पर ताला लगाने के बाद भाकियू कार्यकर्ता धरना समाप्त कर मौके से चले गए। इसके बाद देर शाम कुछ लोगों ने मिल गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। भनक लगते ही नाराज भाकियू के लोग मौके पर पहुंच गए तथा मिल प्रबंधक पर एक स्थानीय नेता को आगे कर ताला तुड़वाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

सुत्रों के अनुसार उक्त नेता तथा भाकियू के बीच इसी बात को लेकर तनातनी हो गई। मामले की गंभीरता तथा विस्फोटक स्थिति को देखते हुए थानाध्यक्ष ने मामले की सूचना उच्चधिकारियों को दी। इसके बाद पूरे जिले की पुलिस के साथ ही पीएसी को भी मौके पर रवाना कर दिया गया। थाने पर नारेबाजीनेता के साथ बदसलूकी होने की खबर मिलते ही उसके काफी सर्मथक थाने का घेराव करने के लिए एकत्र होने लगे तथा भाकियू के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

ग्रामीणों का आरोप था कि भाकियू के लोगों ने उनके नेता के साथ हाथापाई तथा गाली गलौच की है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे सीओ याकूब अहमद ने ग्रामीणों को समझाकर वापस भेजा। समाचार लिखे जाने तक पुलिस बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पहुंच गया है। भाकियू का जमावड़ा शुरूताला टूटने तथा दूसरे पक्ष द्वारा नारेबाजी करने की सूचना मिलते ही भाकियू के लोगों ने अपने सर्मथकों को सूचना दे दी। इसके बाद देर रात्रि में ही किसानों का मिल पर पहुंचना शुरू हो गया था।

समाचार लिखे जाने तक किसान मिल गेट पर पहुंच रहे थे। सूत्रों के अनुसार दूसरा पक्ष गांव में आगे की रणनीति बना रहा था, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन की सांस फूली हुई थी।

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