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टीडीसैट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस-टाटा टेलिसर्विसेज के लाइसेंस पर शंका जताई

टीडीसैट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस-टाटा टेलिसर्विसेज के लाइसेंस पर शंका जताई

दूरसंचार क्षेत्र के न्यायधिकरण टीडीसैट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और टाटा टेलिसर्विसिज को जारी दोहरी तकनीक (सीडीएमए और जीएसएम) वाले लाइसेंस पर शंका जाहिर करते हुये शनिवार को उनकी अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मांग के लिये दायर याचिका को खारिज कर दिया।

हालांकि, टीडीसैट ने जीएसएम दूरसंचार कंपनी एयरसेल की अतिरिक्त स्पेक्ट्रम की मांग के आग्रह को स्वीकार कर लिया। आरकॉम और टाटा टेली का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के फरवरी 2012 के आदेश में 2जी स्पेक्ट्रम के जिन 122 दूरसंचार लाइसेंसों को निरस्त किया गया था उनमें उनके यूएएसएल लाइसेंस शामिल नहीं हैं और न्यायाधिकरण ने अपने पहले के मामलों में इन लाइसेंसों के इस्तेमाल की मंजूरी को बरकरार रखा है।

हालांकि, न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली टीडीसैट की पीठ ने कहा कि हमें यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि उनके (आरकॉम और टाटा टेलि) के पक्ष में जो दोहरी तकनीक की मंजूरी दी गई है, और उसमें बाद में जो संशोधन हुये हैं वह संशय के घेरे में आ गया है।

उसने कहा है कि दोहरी तकनीक वाले लाइसेंस के इस्तेमाल की वैधता और बाद में उसमें किये गये संशोधन एक अलग अपील के तहत उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचारार्थ लंबित है। न्यायाधिकरण के 2007 के एक मामले के फैसले के बाद ये अपील की गई।

टीडीसैट ने इससे आगे कहा कि अमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों के मामले में कंपनियों के इन लाइसेंसों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन का आधार बनाना पूरी तरह से असुरक्षित होगा। फैसले में कहा गया इस बात को ध्यान में रखते हुये हमारा कहना है कि रिलायंस और टाटा अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिये न्यायाधिकरण की तरफ से निर्देश पाने के पात्र नहीं है।

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