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विकास किसानों के दिल में दिखेगा

‘राज्य में विकास की तस्वीर देखनी हो तो 70 प्रतिशत आबादी वाले किसानों के दिल में झांकें।’ कृषि मंत्री नागमणि का भाषण इसी वाक्य के साथ समाप्त क्या हुआ कि ताव आ गया ‘आलू और आलू प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश के उभरते अवसर’ पर आयोजित समारोह में बैठे एक किसान को। बीच में खड़ा होकर उसने बोलना शुरू किया तो मंचासीन नेताओं और अधिकारियों से ज्यादा ताली बटोर गया। किसान का कहना था कि अब तक किसी मुख्यमंत्री ने किसानों को इतना सम्मान नहीं दिया। नीतीश कुमार ने पांच साल का समय मांगा था लेकिन किसानों ने उन्हें तीस साल का समय देने का मन बना लिया है।ड्ढr ड्ढr इसके पूर्व समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि आलू के क्षेत्र में निर्यात की संभावनाएं भी अधिक हैं। प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्योगपति आगे आयें तो यह सपना भी पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के कृषि फार्मों में आलू के बीज का उत्पादन करगी। राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रामाधार ने कहा कि सरकार और आयोग दोनों किसानों की मार्केटिंग के साथ अन्य समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए सरकार के स्तर पर पहल भी की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बामेति की पत्रिका के अलावा कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित ‘आलू एक संपूर्ण आहार’ नामक पुस्तक और किसानों को वैज्ञानिक राय देने वाली एक सीडी का विमोचन भी किया। समारोह में विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, शोभकांत मंडल, शलिक राम यादव भी उपस्थित थे।कृषि सचिव सीके अनिल ने अतिथियों का स्वागत किया तो धन्यवाद ज्ञापन कृषि निदेशक बी राजेन्दर ने। संबोधित करने वालों में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव ए के सिन्हा और आईसीसी के सत्येन यादव आदि भी शमिल थे।

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